टीम एबीएन, रांची। जिला के सभी निजी अस्पतालों में आईएमए के निर्देश पर सभी सेवाओं को बंद कर दिया गया है। जिला के सभी जांच घर भी बंद रखे गए हैं। लगातार व्यवसायी वर्ग से लेकर डॉक्टर्स को धमकी, उनपर हमला, रंगदारी के कॉल आपराधिक गैंग के द्वारा मिल रहे हैं। यहां की गिरती कानून व्यवस्था को लेकर निजी अस्पताल संचालकों ने हड़ताल कर विरोध जताया। धनबाद में रंगदारी और हमला को लेकर व्यवसायी वर्ग में खासा आक्रोश देखा जा रहा है। पिछले दिनों में डॉक्टर समीर कुमार को शूटर अमन सिंह गैंग के छोटू सिंह द्वारा 1 करोड़ फिरौती और प्रति माह 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगी गयी। इस घटना के बाद डॉक्टर जिला छोड़कर चले गए हैं। वहीं पुलिस ने मामले का उद्भेदन करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके बावजूद आईएमए पुलिस पर भरोसा नहीं कर रही। अपने पूर्व घोषित हड़ताल के तहत सोमवार को जिला के सभी निजी अस्पताल का एकदिवसीय हड़ताल कर सभी सेवाओं को बंद कर दिया है। निजी अस्पताल के 24 घंटे के स्ट्राइक का असर यहां के मरीजों पर देखने को मिला। इलाज के लिए मरीजों को परेशानी हुई। वहीं जांच घर भी बंद रहने से इसका खामियाजा जांच कराने पहुंचे मरीज और उनके परिजनों को भुगतना पड़ा। इस मामले में श्यामडीह स्थित निजी अस्पताल के मैनेजर ने लाल सिंह ने कहा कि आईएमए के निर्देश पर सेवाओं को बंद रखा गया है। डॉ समीर कुमार से रंगदारी, डॉ सुशील कुमार पर हमला के विरोध में यह निर्णय लिया गया है। लाल सिंह ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व उनके अस्पताल में फायरिंग की घटना हुई थी। आज डर के साए में सभी काम कर रहे हैं, जिले में कानून व्यवस्था नहीं रह गयी है, स्थितियां आज भी वही है जो पहले थी। उन्होंने गुहार लगाते हुए कहा कि सरकार पुलिस कानून व्यवस्था को मजबूत करे, जिससे निजी अस्पताल के डाक्टर्स और मेडिकल स्टाफ निडर होकर अपनी सेवा दे सके।