सतबरवा पलामू। ट्रेनिंग कॉलेज सतबरवा के मैदान में 20 हजार क्विंटल से अधिक धान बारिश के पानी में पूरी तरह से भीग गया है। राज्य सरकार के उदासीनता और लचर व्यवस्था के कारण यह स्थिति बनी है। किसानों से एफसीआई के द्वारा खरीदे गए हजारों क्विंटल धान भीग जाने से रखे गए मैदान में ही अंकुरित हो गया। जिस स्थान पर एफसीआई द्वारा धान क्रयकेंद्र बनाया गया है वहां पर खुले आसमान और शिक्षा विभाग के टूटे-फूटे छात्रावास है जिसमें धान को रखा गया था। एफसीआई का अपना गोदाम नहीं होने के चलते किसानों से क्रय किए गए धान को ट्रेनिंग कॉलेज के छात्रावास और खुले आसमान के नीचे खेल मैदान के मैदान में रखा गया था। मापतौल करने और हटाने के कार्य में लगे मोटिया मजदूरों ने बताया कि करीब 20 हजार क्विंटल धान बारिश में भीग जाने के कारण खराब हो गया है। भाजपा नेता सह पोंची के किसान अशीष कुमार सिन्हा ने बताया कि धान क्रयकेंद्र का धान खुले आसमान के नीचे पांच माह से रखा गया है। सैकड़ों भीगे धान बोरा में ही अंकुरित हो गया है और अंकुरित होकर जमीन से बाहर निकल आया है। वहां पर जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। राज्य सरकार का अपना गोदाम होता तो करोड़ों रुपए का नुकसान होने से बचाया जा सकता था। एफसीआई के गोदाम प्रबंधक श्यामलाल उरांव ने धान भींग जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अनाज रखने का अपना गोदाम होता तब धान को भीगने से बचाया जा सकता था। धान उठाव में देर होना भी धान भीगने का कारण बना है। बताया जाता है कि धान भीग जाने के चलते कई सौ करोड़ रुपये का नुकसान राज्य सरकार को हुआ है।