टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजनीति में सत्ताधारी दलों और बीजेपी के बीच शह और मात का खेल चल रहा है। सोमवार को दोपहर में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर कई आरोप लगाए। वहीं, शाम को झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल का प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा और राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की और कहा कि बीजेपी राज्य में सरकार को अस्थिर करने के लिए बेवजह भ्रम फैला रही है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं ने कहा कि ऑफिस ऑफ प्रॉफिट का जो आरोप मुख्यमंत्री पर लगाया जा रहा है, वह पूरी तरह गलत है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा राजनीतिक रोटी सेंक रही है और राज्य की जनता के बीच भ्रम फैला रही है। जेएमएम नेता सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से सरकार को अस्थिर करने का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ आरोप लगा देने से ही चीजे नहीं होती हैं। उसकी विवेचना होती है और फिर सत्य के आधार पर कार्रवाई होती है। उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर आपको भी भ्रम में रखा गया है। राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि कोई भी कार्रवाई कानून के दायरे में रह कर की जाएगी। झामुमो विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि जब से हेमंत सरकार बनी है। उसके अगले दिन से ही बीजेपी के नेता सरकार को अस्थिर करने में लगे हैं और गलत बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी कहते फिर रहे हैं कि सरकार गिरने वाली है। बाबूलाल मरांडी कौन होते हैं सरकार का भविष्य बताने वाले। उन्होंने कहा कि विधानसभा में विधायकों की संख्या से तय होती है। उन्होंने कहा कि चुनाव पूर्व बने गठबंधन की सरकार राज्य में है और यह पांच साल चलेगी। राजद कोटे के मंत्री सत्यानंद भोक्ता और कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि षड्यंत्र कर भाजपा राज्य में विकास की गति को रोकना चाहती है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार पूरी मजबूती से राज्य के विकास में लगी है। भाजपा राज्य में भ्रम फैला रही है। इससे अवगत कराने राज्यपाल के पास पहुंचे थे। प्रतिनिधिमंडल में झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, सचेतक मथुरा महतो, केंद्रीय समिति सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य, कांग्रेस के विधायक राजेश कच्छप और विक्सल कोंगारी और राजद के मंत्री सत्यानंद भोक्ता शामिल थे।