टीम एबीएन, रांची। राज्य सभा के पूर्व सांसद अजय मारू ने यूक्रेन एवं रूस से पढ़ाई अधूरी छोड़ कर झारखंड आये छात्र-छात्राओं की समस्याओं पर पत्र लिख कर झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का ध्यान दिलाया है । उन्होंने आज मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि राज्य सरकार ने इन छात्र-छात्राओं को मदद करने की बात कही थी।
सरकार ने कहा था कि यूक्रेन एवं रूस के बीच युद्ध के दौरान झारखंड लौटने वाले छात्र-छात्राओं को हरसंभव मदद की जाएगी। बतौर मुख्यमंत्री इन छात्र-छात्राओं को झारखंड आने के लिए विमान खर्च देने की बात कही थी, लेकिन अब तक उन्हें पैसे नहीं मिले हैं। अधिकांश छात्र-छात्राएं भारत सरकार के मिशन "गंगा" के तहत दिल्ली और मुम्बई पहुंचे। पर दिल्ली से रांची आने के विमान यात्रा का खर्च उन्होंने स्वयं उठाया। उन्होंने पत्र में मुख्यमंत्री को कहा कि झारखंड सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार उन्हें उनके द्वारा खर्च की गयी टिकट की राशि की वापसी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। लगता है कि आपके कार्यालय से इन छात्र-छात्राओं को विमान खर्च देने संबंधी आदेश राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों के पास नहीं पहुंचा है। आपसे आग्रह है कि तत्संबंधी आदेश उपायुक्तों को भेजने का निर्देश दें, और समाचार पत्रों के माध्यम से इसकी एक सूचना जारी की जाए। उन्होंने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री से कहा कि सरकार झारखंड लौटे छात्र-छात्राओं की अधुरी पढ़ाई पूरी कराने की भी कोई व्यवस्था करनी चाहिए। कई छात्र-छात्राओं के अभिभावक बैंको से ऋृण लेकर अपने बच्चों को पढ़ने के लिए भेजा था। अब उनका भविष्य अधर में लटक गया है। आपसे आग्रह है कि इन छात्र-छात्राओं की पढ़ाई आगे जारी रहे इसके लिए सरकार के स्तर पर निर्णय लें।