टीम एबीएन, रांची। कोरोना विशेषज्ञ डॉक्टर्स और IIT कानपुर के विशेषज्ञ जून 2022 तक देश में कोरोना की चौथी लहर के पीक पर होने की संभावना जता रहे हैं। कुछ राज्यों में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज हुई है, तो झारखंड भी इस खतरे से अछूता नहीं है। झारखंड में जहां एक्टिव केस की संख्या बढ़ रही है। वहीं करीब 65 दिन बाद कोरोना से एक मौत धनबाद जिले में हुई है। इससे पहले 14 फरवरी 2022 को कोडरमा जिले में एक कोरोना पॉजिटिव की मौत हुई थी। धनबाद में कोरोना से हुई मौत के बाद अब तक कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 5316 हो गयी है। राज्य में कोरोना के नए संक्रमित सबसे ज्यादा रांची में मिल रहे हैं। पिछले 24 घंटे में राज्य में 7303 सैंपल की जांच में 07 कोरोना संक्रमित मिले हैं। वह सभी रांची के हैं। अभी तक राज्य में 04 लाख 35 हजार 196 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं। वहीं आज 1 व्यक्ति के कोरोना मुक्त हो जाने के बाद कोरोना को परास्त करने वालों की संख्या 04 लाख 29 हजार 857 हो गयी है।
कोरोना संक्रमण को लेकर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग के इंडिकेटर्स काफी महत्वपूर्ण होते हैं। इन आंकड़ों का विश्लेषण करें तो साफ है कि राज्य में कोरोना संक्रमण का खतरा कैसे धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। राज्य में कोरोना इंडिकेटर्स के अनुसार भले ही अभी 7डेज ग्रोथ रेट 00% है पर 7डेज डबलिंग रेट लगातार गिरता जा रहा है। 19 अप्रैल को कोरोना का 7डेज डबलिंग डे जहां 1,31,967 दिन का था तो अगले दिन यानि 20 अप्रैल को यह घटकर 1,17,305 दिन का हो गया। 21 अप्रैल को तो इसमें और कमी आयी और यह 84,460 दिन का हो गया। ये आंकड़े बताते हैं कि राज्य में कोरोना संक्रमण फिर बढ़ रहा है, जिसकी वजह से केस डबलिंग होने में लगने वाले दिनों की संख्या में कमी आ रही है। वहीं राज्य में कोरोना के रिकवरी रेट में भी थोड़ी कमी आयी है और 98.78% से घटकर 98.77% हो गया है। राज्य में कोविड 19 की वजह से मोर्टेलिटी रेट 1.22% है।