टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में धूमधाम से महात्मा हंसराज का जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर महात्मा जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही सामूहिक वैदिक हवन का आयोजन किया गया। इसके बरइ 12वीं कक्षा की छात्रा चेतनाश्री तथा संस्कृत शिक्षक निधिकांत ठाकुर ने महात्मा हंसराज के व्यक्तित्व तथा आधुनिक भारत के निर्माण में महात्मा हंसराज के योगदान पर प्रकाश डाला।
प्राचार्य संजय कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महर्षि दयानंद के अनुयायियों में महात्मा हंसराज अद्वितीय थे। उन्होंने महर्षि दयानंद के आधुनिक भारत के निर्माण के सपने को साकार करने के लिए ही डीएवी संस्था की स्थापना की। उन्होंने डीएवी की सेवा अवैतनिक की।उनके बड़े भाई मुल्ख राज उन्हें प्रतिमाह चालीस रुपए की मदद देते थे, जिनसे उनका परिवार चलता था। उनका जीवन संघर्ष से भरा था, एक बार तो उनका मन बहुत विचलित हो गया था,तब श्रीमद् भगवद्गीता की प्रेरणा से उन्होंने कष्ट सहकर भी कर्तव्य मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। महात्मा हंसराज ने देश सेवा, परोपकार और जन कल्याण में अपना जीवन होम कर दिया। हमें भी उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। शांतिपाठ तथा राष्ट्र गान के साथ सभा समाप्त हुई। इस अवसर पर विद्यालय के सभी विद्यार्थी, शिक्षक और शिक्षिकाएं उपस्थित थीं।