टीम एबीएन, रांची। शनिवार को श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरूपति बालाजी) मन्दिर में स्नान-दान की चैती पूर्णिमा पर्व पर प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में परमानन्द स्वरूप सनातन परिपूर्ण ब्रह्म श्रीमन्नारायण का अनेक प्रकार से पूजा-आराधना संपादन हुआ, जो भगवान श्रीहरि जीवों पर कृपा करके अन्तर्मल को और अनादिकाल से सञ्चित संस्कार पट को विशुद्ध कर देते हैं, उन्हीं परमात्मा का विश्वरूप आरती- दर्शन करके लोग धन्य हुए। फिर अपने भक्तों पर अनुग्रह करने के लिए आकुल रहनेवाले भगवान पद्मावती वल्लभ का पांचरात्र आगम विधि से षोडषोपचार आराधना हुई। जीन भगवान् के नूपुर भूषित श्रीचरणों की शरण में जीव जाता है, तब श्रीवैकुण्ठ में पहुंचकर श्रीभगवान् को प्राप्त करता है। वहैं भगवान् श्रियःपति को प्रसन्न करने के लिए भक्तों ने श्रद्धा - भक्ति पूर्वक अर्चना करायी। आज के पुण्यतमा पूर्णिमा पर्व में पायस महाप्रसादम् ओमप्रकाश - मंजु गाड़ोदिया की ओर से जबकि दिनभर का भोग निवेदन चेतन- सुशीला शर्मा ने किया। दोनों ही यजमान रांची निवासी है।
अर्चक : सत्यनारायण गौतम, गोपेश आचार्य एवं नारायण दास ने मिलकर दिनभर के अनुष्ठान को रात्रि शयन आरती के उपरान्त विधिवत सुसंपन्न कराया।
इनकी रही भागीदारी : सर्वश्री रामअवतार नारसरिया, अनूप अग्रवाल, रंजन सिंह, गौरीशंकर साबू।