टीम एबीएन, रांची। शुक्रवार को डाल्टनगंज धर्मप्रान्त के प्रभु प्रकाश पल्ली साले में डाल्टनगंज धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष बिशप थियोडोर मसकरेनहस ने पल्लीवासियों के साथ मिलकर क्रूस रास्त की एवम क्रूस अपने कंधे में लेकर क्रूस रास्ता का आरंभ किया। साथ ही धर्मप्रांत के सभी लोगों के लिए प्रार्थना की। बिशप थियोडोर मसकरेनहस ने लोगों को अपने सन्देश में कहा कि येसु ने भाईचारा, एकता, मानवता और शांति का संदेश हम सबको दिया है। बिशप थियोडोर ने तीन महत्त्वपूर्ण सीख प्रभु येसु के जीवन से सभी विश्वासियों को दी।
1. प्यार : उन्होंने कहा कि प्रभु येसु प्यार की मूरत हैं। उन्होंने हम मानव जाति से इतना प्यार किया कि खुद ईश्वर होते हुए भी मानव रूप धारण किया और हमारे प्रेम के लिए अपने प्राण की आहुति दे दी। यह दर्शाता है कि उसने हमें अपने प्राण से भी ज्यादा महत्व दिया।
2. क्षमा : जिन्होंने प्रभु येसु को क्रूस दिया, मारा, उनके विरुद्ध षड्यंत्र किया। सभों को येसु ने क्षमा की और हम सबके लिए एक उदाहरण दिया कि क्षमा सुंदर जीवन का एक बहुमूल्य वरदान है।
3. मृत्यु पर विजय प्राप्त किया : प्रभु येसु ने मृत्यु पर विजय प्राप्त की है। इसलिए वह हर चीजों में सक्षम हैं। बिशप थियोडोर ने कहा हम सब हमारी दैनिक मृत्यु पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। हमारी एवम समाज की दैनिक मृत्यु नशापान, लड़ाई- झगड़ा, हिंसा -डाह, लोभ- लालच, अज्ञानता, अंधविश्वास, अन्याय, आदि से विजय प्राप्त कर सकते हैं।और जब हम इन बुरे चीजों से ऊपर उठेंगे। हम सभों का कल्याण होगा। इस पवित्र दिन में बिशप थियोडोर के साथ साले पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर जार्ज तिग्गा, बिशप सेक्रेटरी फादर प्रदीप बखला, फादर फिल्मन कुजूर, धर्मबंधु गण धरमबहने और साले पल्ली के विश्वासी उपस्थित थे।