टीम एबीएन, कोडरमा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 23वें महाधिवेशन (पार्टी कांग्रेस) भाजपा आरएसएस के फांसीवादी एजेंडे को परास्त करने के आह्वान के साथ 6 से 10 अप्रैल को केरल के कन्नूर में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। महाधिवेशन से लौटकर माकपा के राज्य सचिवमंडल सदस्य संजय पासवान ने जानकारी देते हुए कहा कि अधिवेशन में भाजपा को अलग थलग करने और हराने का संकल्प दोहराया है और यही आज देश, जनता और पार्टी के सामने मुख्य चुनौती है। उन्होंने कहा कि सीपीएम का 22वां अधिवेशन के बाद गुजरे चार साल मे हमने देखा है कि भाजपा किस तरह सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर फांसीवादी आरएसएस की हिन्दुत्ववादी सांप्रदायिक एजेंडा को अक्रामक तरीके से आगे बढ़ा रही है। इसके साथ साथ घोर नवउदारवादी सुधारों को लागू करने के जरिए आम जनता के उपर चौतरफा हमला किया जा रहा है। निर्ममता से राष्ट्रीय परिसम्पत्तियों को लूटा जा रहा है। भारत की आर्थिक संप्रभुता को कमजोर किया जा रहा है और सांप्रदायिक कॉरपोरेट गठजोड़ को मजबूत किया जा रहा है। चुनावी बांडों के जरिए राजनीतिक भ्रष्टाचार को कानूनी बनाया जा रहा है। तानाशाही थोपकर जनता के जनतांत्रिक अधिकारों व नागरिक स्वतंत्रता को जिनकी गारंटी हमारा संविधान करता है, को पांवो तले रौंदा जा रहा है। श्री पासवान ने कहा कि आरएसएस भाजपा के नापाक इरादों और नफरत के खिलाफ, देश में कमरतोड़ महंगाई, बेरोजगारी और सार्वजनिक सम्पत्तियों की लूट के खिलाफ संघर्ष को मजबूत करने के लिए सबसे पहले सीपीआईएम की स्वतंत्र ताकत मजबूत करने, साथ ही वामपंथी ताकतों की एकता को मजबूत कर वैकल्पिक नीतियों के आधार पर जनांदोलन और सामाजिक आंदोलन चलाया जाएगा। इसके साथ साथ हिन्दुत्ववादी सांप्रदायिक एजेंडे के खिलाफ धर्मनिरपेक्ष ताकतों की व्यापक गोलबंदी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महाधिवेशन में झारखंड से 12 प्रतिनिधि सहित पूरे देश से 815 प्रतिनिधि शामिल थे। सम्मेलन में 85 सदस्यीय नयी केन्द्रीय कमिटी और 17 सदस्यीय पोलित ब्यूरो का भी चुनाव किया गया। जिसमें कॉमरेड सीताराम येचुरी को फिर से महासचिव चुन लिया गया। झारखंड के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव को केन्द्रीय कमिटी सदस्य चूने जाने पर उन्होंने बधाई दिया।