टीम एबीएन, रांची। रांची विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन का नाम बदल गया है। अब यह विभाग स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन के नाम से जाना जाएगा। यह निर्णय बुधवार को रांची विश्वविद्यालय के कुलपति कामिनी कुमार की आध्यक्षता में आयोजित एकेडमिक काउंसिल की बैठक में लिया गया है। इसके साथ ही कई विभागों के नाम बदलने से संबंधित प्रस्ताव की मंजूरी दी गई है। बैठक में थ्री ईयर बीए ऑनर्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, टू ईयर एमए इन फिल्म स्टडीज एंड प्रोडक्शन प्रोग्राम, वन ईयर पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन फिल्म स्टडीज एंड प्रोडक्शन प्रोग्राम जैसे कोर्स संचालित करने की भी सहमति प्रदान की गई है। रांची विश्वविद्यालय में संचालित Archaeology and Museology विभाग का नाम भी बदला गया है। यह विभाग School of Archaeology and Museology विभाग कहलाएगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देश के अनुरूप शोध पत्र की चोरी रोकने से संबंधित प्रस्ताव भी पारित किया गया। अब शोधार्थियों को अपने गाइड से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य किया गया है। कुलपति कामिनी कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय के सभी विभागों में संचालित पाठ्यक्रमों में संशोधन करने संबंधी अनुशंसा को भी मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि खूंटी स्थित बिरसा कॉलेज में संस्कृत, मानव विज्ञान और समाजशास्त्र विषय में स्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में भूगर्भ विज्ञान विभाग के तहत तीन और छह महीने के सर्टिफिकेट कोर्स संचालित करने से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। वहीं, रिम्स के स्थाई एकेडमिक समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के प्रस्ताव को भी पारित किया गया है।