टीम एबीएन, देवघर। त्रिकूट पहाड़ रोपवे हादसा, इसको लेकर अपडेट यह है कि अंधेरा होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया है। क्योंकि जंगल और पहाड़ होने की वजह से अंधेरे में राहत और बचाव का काम करना मुश्किल हो रहा है। मंगलवार सुबह फिर से लोगों का रेस्क्यू शुरू हुआ। रोपवे ट्रॉली में करीब 22 लोगों के फंसे होने की बात सामने आ रही है। त्रिकूट पहाड़ रोपवे हादसा, जिसको लेकर एबीएन लगातार अपडेट्स कर रहा है। एबीएन की टीम ने त्रिकूट पर्वत जाकर वहां के हालात का जायजा लिया। साथ ही स्थानीय लोगों से मौजूदा स्थिति और हादसे की वजह का भी पता लगाने की कोशिश की। रविवार को हुए त्रिकूट रोपवे हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि सोमवार चलाए गए राहत और बचाव कार्य में 22 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। लेकिन इस दौरान एक दर्दनाक हादसा भी सामने आया, जहां एक शख्स हेलीकॉप्टर से गिर गया। जख्मी हालत में उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गयी है। दरअसल सेना के हेलीकॉप्टर से लोगों को रोपवे से निकालने का काम चल रहा था। इसी दौरान एक शख्स को रस्सी के सहारे रोपवे से निकाला गया। रस्सी से बांधकर उसे हेलीकॉप्टर तक लाया गया। वो व्यक्ति हेलीकॉप्टर तक पहुंचकर उसमें चढ़ने की कोशिश करने लगा। लेकिन इसी दौरान उसका हाथ हेलीकॉप्टर से छूट गया और वो नीचे गिर गया।
सबको सुबह का इंतजारः देवघर के विलासी मोहल्ले की रहने वाली ज्योतिर्मय अपने पुत्र नमन नीरज के इंतजार में कल रात पर बैठी हुई हैं। उनका पुत्र रविवार को अपने एक मित्र के साथ त्रिकूट रोपवे घूमने आया था और हादसे के बाद से वहीं फंसा है। इसके अलावा सेना का जवान भी एक ट्रॉली में फंस गया है। इन दोनों मंगलवार सुबह का इंतजार करना पड़ा। देवघर में त्रिकूट रोपवे हादसा के बाद शासन प्रशासन का महकमा देवघर आने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में हादसे का जायजा लेने एडीजी आरके मल्लिक और आपदा प्रबंधन के सचिव अमिताभ कौशल मौके पर पहुंचे हुए हैं। इधर संथाल परगना रेंज डीआईजी लगातार इलाके में कैंप कर रहे हैं।