हजारीबाग। सदर विधायक मनीष जायसवाल ने गुरुवार को वर्चुअल प्रेस-कॉन्फ्रेंस कर पत्रकारों से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने हजारीबाग में सिलिंडर चोरी के मुद्दे व कोरोना काल में खुद के सेवा कार्यों के बारे में बताया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आॅक्सीजन सिलिंडर और रेगुलेटर चोरी के मामले पर विधायक ने कहा कि या मामला पुलिस अनुसंधान के क्रम में है। हाईकोर्ट ने भी इस पर स्वत: संज्ञान लिया है। अस्पताल प्रबंधन का एफआईआर प्रीमेच्योर था। अस्पताल प्रबंधन को पहले अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए था फिर एफआईआर। पुलिस इस गंभीर और संवेदनशील मामले पर निष्पक्ष जांच कर और इसमें शामिल असंवेदनशील लोगों को समाज के समक्ष लाकर पूरे मामले को उजागर करे एवं उन्हें कठोर दंड दे।
शिकायत के बावजूद नहीं लिया कोई एक्शन : उन्होंने एचएमसीएच में पदस्थापित डॉक्टरों के इस आपदा काल में कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा किया। कहा कि एचएमसीएच में करीब 100 डॉक्टर हैं। यहां 200 से अधिक मरीज एक बार में इलाज नहीं कराते होंगे। ऐसे में प्रति 2 मरीज एक डॉक्टर पदस्थापित होने के बावजूद भी यहां कोरोना पीड़ित मरीजों को दो-तीन दिन बाद किसी डॉक्टर ने जाकर देखा। यहां पदस्थापित अनेकों स्पेशलाइजेशन चिकित्सक हैं जिन्होंने एमबीबीएस किया है। वे चाहते तो एक बेसिक डॉक्टर की सेवा देते हुए यहां मची अफरा-तफरी को समाप्त कर सकते थे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मैंने इस संबंध में हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से जब शिकायत किया तो उन्होंने स्पष्ट कहा की हम इन्हें कुछ नहीं कर सकते। सदर विधायक ने कहा कि दरअसल यहां पोस्टेड डाक्टर्स उच्च व रसूखदार हैं। उन्हें एचएमसीएच में आकर सेवा नहीं करने का भय नहीं रहता है। वे अपने मन के मालिक हैं। उनकी लॉबिंग काफी मजबूत है। वे राजधानी या अन्य जगहों पर रहते हैं।
श्मसान घाट से होगा सीधा प्रसारण : श्री जायसवाल ने बताया कि जिले के दो बड़े श्मशान घाट खीरगांव अवस्थित मुक्तिधाम और कोनार पुल श्मशान घाट से सीधा प्रसारण की पूरी तैयारी कर ली गई है। दोनों जगहों पर 4- 4 कैमरा इंस्टॉल किया गया है। कहा कि इससे लोग अपनों के शव को अंतिम नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। श्री जायसवाल ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत ढाई लाख मास्क का वितरण विभिन्न माध्यमों से किया जा रहा है। 1850 कोविड मेडिसिन किट स्थानीय चिकित्सकों की राय - सुमारी के बाद जरूरतमंदों के बीच बांटा जा रहा है। 76 आॅक्सीजन सिलेण्डर और सैकडों आॅक्सीजन फ्लो मीटर के माध्यम से अब तक करीब 212 लोगों को लाभान्वित किया गया है। एक आॅक्सीजन युक्त एंबुलेंस हजारीबाग और आसपास के मरीजों के लिए मुफ्त में शुरू किया गया। गरीब लोग भूखे न रहें इसलिए 50,000 का कच्चा राशन युक्त फूड पैकेट्स का निर्माण और वितरण रोज बेसिस पर शुरू किया।