टीम एबीएन, रांची। रामनवमी में इस बार जिला प्रशासन बेहद अलर्ट मोड में है। एडीजी रैंक के पदाधिकारी खुद सड़कों पर उतर कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। हजारीबाग में शनिवार देर रात एडीजी मुरारी लाल मीणा, आयुक्त चंद्र किशोर उरांव, बोकारो रेंज के आईजी असीम विक्रांत मिंज, उपायुक्त नैंसी सहाय, पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे ने जुलूस मार्ग का निरीक्षण किया। हजारीबाग पुलिस रामनवमी जुलूस को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में लगी हुई है। आलम यह है कि रांची मुख्यालय से एडीजी रैंक के पदाधिकारी खुद कैंप कर रहे हैं।।शनिवार को देर रात वरीय पदाधिकारियों ने जुलूस मार्ग का निरीक्षण किया। जिसमें स्वयं एडीजी मुरारी लाल मीणा, आयुक्त चंद्र किशोर उरांव, बोकारो रेंज के आईजी असीम विक्रांत मिंज, उपायुक्त नैंसी सहाय, पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चोथे समेत कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। पदाधिकारियों ने गाड़ी से ही पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया। साथ ही साथ किन किन क्षेत्रों में कितने बल की तैनाती की गई है उसकी भी जानकारी ली। रामनवमी जुलूस संपन्न कराने के लिए चार से पांच टावर भी बनाए गए हैं। जहां से पूरे जुलूस पर निगरानी रखी जाएगी। उसकी भी जानकारी पदाधिकारियों से ली गई। यह तीसरी बार है कि वरीय पदाधिकारियों ने एक साथ सड़क पर उतर कर जायजा लिया है। ऐसे में समझा जा सकता है कि प्रशासन किसी भी बिंदु पर समझौता नहीं करने जा रही है। हजारीबाग की रामनवमी पूरे राज्य में विख्यात है। 48 घंटे तक जुलूस सड़कों पर रहता है। लेकिन इस बार सरकार ने आदेश जारी किया है कि रात के 10 बजे जुलूस समाप्त कर देना है। ऐसे में प्रशासन यह रूपरेखा बना रही है कि किस तरह जुलूस रात के 10 बजे तक समाप्त कर दिया जाए।