टीम एबीएन, रांची। झारखंड में रामनवमी की सुरक्षा को लेकर पुलिस मुख्यालय के द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। राज्य भर में 100 कंपनी से ज्यादा सुरक्षाबलों की तैनाती की जा रही है। राज्य के वैसे संवेदनशील जिले जहां पूर्व में सांप्रदायिक तनाव के मामले सामने आए हैं, वहां जिला पुलिस के अलावा स्पेशल फोर्स की तैनाती भी की जाएगी। रामनवमी को लेकर पुलिस मुख्यालय की तरफ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के एसपी को ब्रीफ भी किया गया है। सभी जिलों में पुलिस असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखेगी। वहीं सोशल साइट्स की भी मॉनिटरिंग की जा रही है। सभी जिलों को आदेश दिया गया है कि सभी वर्गों के गणमान्य लोगों के संपर्क में रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। रामनवमी को लेकर रांची, जमशेदपुर, धनबाद, कोडरमा, गिरिडीह, हजारीबाग जिले के एसपी को विशेष तौर पर अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।
सभी जिलों के एसपी को किया गया अलर्ट : झारखंड पुलिस के प्रवक्ता सह आईजी अभियान अमोल वी होमकर के अनुसार रामनवमी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी जिलों के एसपी को विशेष तौर पर अलर्ट किया गया है। राज्यभर के सांप्रदायिक तत्वों को चिह्नित किया जा रहा है। सभी जिलों में उन लोगों की सूची बनाई जा रही है, जो सांप्रदायिक कांडों में संलिप्त रहे हैं। ऐसे कांडों में शामिल लोगों पर पुलिस ने थाना स्तर पर क्या कार्रवाई की है, इसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पूर्व में हुए झड़प के दौरान उत्पात में शामिल तत्वों के बारे में भी सभी थानों से जानकारी ली जा रही है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनपर निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। घटना की वजह और उसकी पृष्टभूमि में शामिल लोगों के बारे में भी जानकारी इकठ्ठा की जा रही है। सांपद्रायिकता के लिहाज से सात-आठ जिलों को चिह्नित कर वहां रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की जाएगी। जिलों के एसपी को कहा गया है कि वह फोर्स को आंतरिक तौर पर हमेशा तैयार रखें। साथ ही धार्मिक स्थलों के आसपास से अतिक्रमण हटाने, अवैध जुआ अड्डों पर कार्रवाई करने और झुग्गी झोपड़ियों में बिकने वाली शराब पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश भी जिलों के एसपी को दिया गया है। सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग, खुद एफबी- ट्विटर पर सक्रिय रहेंगे एसपी : वहीं सभी जिलों के एसपी को कहा गया है कि वह सोशल मीडिया पर खुद नजर बनाए रखें। अपने अपने जिलों के प्रमुख व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन के संपर्क में रहें। एडमिन को यह हिदायत दी जाए कि व्हाट्सएप ग्रुप में कोई आपत्तिजनक या अफवाह फैलाने वाल पोस्ट न आए, अगर कोई ऐसी पोस्ट करे तो तत्काल जानकारी एसपी को दें। जिलों के एसपी को डीजीपी ने आदेश दिया है कि वह किसी भी तरह की अफवाह प्रचारित होने पर अपने ट्विटर या फेसबुक एकाउंट से हकीकत बताएं।
नए एसपी और थानेदार को की गई विशेष ब्रीफिंग : झारखंड पुलिस के लिए इस बार की रामनवमी में सबसे बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि कई जिलों के एसपी और थानों में तैनात थानेदार बिल्कुल नए हैं। पिछले 2 सालों से कोविड-19 की वजह से रामनवमी का जुलूस नहीं निकला था। ऐसे में कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों सहित कई थानेदारों को रामनवमी के जुलूस को लेकर अनुभव नहीं है। ऐसे पुलिस अधिकारियों को मुख्यालय स्तर से ब्रीफिंग की गई है। साथ ही वैसे सभी जिलों में वैसे पुलिस अधिकारी जो रामनवमी और दूसरे पर्व त्योहार में ड्यूटी निभा चुके हैं उनकी भी प्रतिनियुक्ति की जाएगी। झारखंड पुलिस के प्रवक्ता अमोल वी होमकर के अनुसार पुलिस की ट्रेनिंग में ही कानून व्यवस्था के पालन की जिम्मेवारी सिखाई जाती है ऐसे में यह कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं है।