टीम एबीएन, रांची। रांची जिलांतर्गत राहे प्रखंड के चुतरूडीह (चित्रकूट) ग्राम में रामनवमी के पावन अवसर पर दो से 10 अप्रैल तक दुर्गा मंदिर परिसर में राम कथा का आयोजन प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी हो रहा है। प्रत्येक दिन एक विद्वान द्वारा प्रवचन का विधान है। आज रांची विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डा जे बी पाण्डेय ने मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि भारतीत संस्कृति के दो प्रबल आधार स्तंभ माने जाते हैं सत्य और त्याग।इन्हीं दोनों गुणों के आधार पर कोई भी व्यक्ति महान बन सकता है। तुलसी के आराध्य भगवान राम और तथा उनके परिवार के सदस्यों ने सत्य और त्याग का पालन जिस दृढ़ता के साथ किया है, वैसा अन्यत्र दुर्लभ है। राम कथा सत्य और त्याग की कथा है:
रघुकुल रीति सदा चली आई!
प्राण जाई बरू बचन न जाई!!
इसीलिए यह लोक में सर्वाधिक लोकप्रिय हुई। इस अवसर पर राजीव कुमार, अशोक कुमार प्रमाणिक तथा अंगद प्रमाणिक ने भी राम कथा की महिमा पर प्रकाश डाला। आगत अतिथियों का स्वागत अध्यक्ष प्रो जग बंधु महतो, संचालन सचिव प्रहलाद यादव ने तथा धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष भृगु राम लोहरा ने किया।राम दरबार की सामूहिक आरती से कार्यक्रम का श्रीगणेश हुआ।