झारखंड
डीएवी विद्यालयों में वैदिक एवं नैतिक मूल्यों के संवर्धन का सार्थक प्रयास
ABN Bureau
•
04 Apr, 2022
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टीम एबीएन, रांची। वैश्विक शांति, पर्यावरण संरक्षण एवं आर्य भाव को संवर्धित एवं संपुष्टित करने के उद्देश्य से एस आर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग में वैदिक हवन सह चेतना शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें रांची और आसपास के सभी डीएवी विद्यालयों यथा डीएवी हेहल, डीएवी कपिलदेव, डीएवी गांधीनगर, डीएवी बरियातू, डीएवी निरजा सहाय, डीएवी गिद्दी, डीएवी खूंटी एवं डीएवी पुंदाग के तकरीबन 150 शिक्षक- शिक्षिकाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस महायज्ञ कार्यक्रम में प्रखर आर्य समाजी एवं समाजसेवी एसएल गुप्ता, एमके सिन्हा, सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी झारखंड प्रक्षेत्र बी, मनोज कुमार सिन्हा, सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी झारखंड प्रक्षेत्र एफ, वीके पांडेय, प्राचार्य डीएवी बरियातू एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
हवन और यज्ञ प्रार्थना के बाद प्राचार्य संजय कुमार मिश्रा ने सभी गणमान्य अतिथियों के साथ-साथ विभिन्न डीएवी विद्यालयों से पधारे प्राचार्य और शिक्षकगण का औपचारिक स्वागत किया। उन्होंने डीएवी प्रबंधन समिति के प्रधान आर्य रत्न पद्मश्री डॉ पूनम सूरी तथा डीएवी पब्लिक स्कूल्स- 1 के निदेशक डॉ जेपी शूर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के कारण आर्य समाज की गतिविधियां कुछ रुक सी गईं थीं। डीएवी संस्था की सक्रिय भागीदारी से उसे नई ऊर्जा मिल सकती है। हमारी सक्रिय भागीदारी केवल मात्र अध्यापक समाज तक ही सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि हम अपनी संस्कृति के उज्ज्वल पक्ष से विद्यार्थियों को भी परिचित करवायेंगे एवं इस प्रकार की गतिविधियों का आयोजन करेंगे जिनसे विद्यार्थियों का चारित्रिक विकास हो। अपने वक्तव्य का समापन प्राचार्य एसके मिश्रा ने एसएल गुप्ता, एमके सिन्हा सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी झारखंड प्रक्षेत्र बी, मनोज कुमार सिन्हा सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी झारखंड प्रक्षेत्र एफ, वीके पांडेय प्राचार्य डीएवी बरियातू एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करके किया।
अपने आशीर्वचनों में आर्य प्रवर एसएल गुप्ता ने कहा कि हवन सभी को बल, विद्या, बुद्धि प्रदान करता है। उन्होंने आर्य भजन प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
डीएवी झारखंड जोन एफ के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी एमके सिन्हा ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि डीएवी विद्यालयों में सामूहिक हवन के आयोजन की प्रथा पुरानी है। कोरोना के कारण विद्यालय बंद हो जाने के कारण इस गतिविधि में रुकावट आ गई थी, जो कि एक बार फिर डीएवी प्रबंधन समिति, नई दिल्ली की प्रेरणा से रफ्तार पकड़ रही है। हम सब को डीएवी का सिपाही बन कर अपनी संस्कृति की उन्नति में भागीदारी निभानी है। विद्यालय के प्रबंधक वीके पांडे ने हवन के वैज्ञानिक महत्व को प्रतिपादित करते हुए कहा कि हवन से वातावरण की शुद्धि होती है एवं वातावरण संक्रमण मुक्त होता है। अत: नियमित रूप से हवन शुभ फल प्रदान करता है।
तत्पश्चात विद्यालय की संगीत मंडली ने सुखी बसे संसार सब तथा अब सौंप दिया, इस जीवन का भजन प्रस्तुत कर सबको मंत्र मुग्ध कर दिया। विद्यालय के नन्हें-मुन्ने विद्यार्थियों ने महर्षि दयानंद की क्षमाशीलता पर आधारित एक लघु नाटिका प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ तथा वैदिक जयघोष के साथ हुआ।
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