झारखंड
केरल के कन्नूर में होने वाले सीपीएम के 23वें राष्ट्रीय महाधिवेशन में शामिल होने कोडरमा के 12 प्रतिनिधि रवाना
ABN Bureau
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03 Apr, 2022
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टीम एबीएन, कोडरमा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का 23वां राष्ट्रीय महाधिवेशन (पार्टी कांग्रेस) आगामी 6 से 10 अप्रैल तक केरल के कन्नूर शहर मे होने जा रहा है। जिसमें झारखंड से स्थानीय ट्रेड यूनियन नेता और माकपा के राज्य सचिवमंडल सदस्य संजय पासवान सहित कुल बारह प्रतिनिधि रविवार को हटिया यशवंतपुर एक्सप्रेस से कन्नूर केरल के लिए रवाना हुए। प्रतिनिधियों में केन्द्रीय कमिटी सदस्य जी के बक्सी, राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, प्रफुल्ल लिंडा, सुफल महतो, समीर दास, एहतेशाम अहमद, शिवानी पाल, सुरजीत सिन्हा, सुरेश मुण्डा, माया लायक व डीडी रामानंदन शामिल हैं। इस संबंध में माकपा नेता संजय पासवान ने बताया कि पूरे देश मे एक लाख से अधिक पार्टी ईकाईयों मे संगठित माकपा के 10 लाख सदस्यों ने पिछले 6 माह से जारी अपनी ईकाइयों, लोकल कमिटियों, जिला और राज्य सम्मेलनों के माध्यम से लगभग 800 प्रतिनिधियों का निर्वाचन किया है, जो राष्ट्रीय महाधिवेशन मे हिस्सा लेंगे। इस अधिवेशन के लिए केंद्रीय कमिटी द्वारा फरवरी माह के शुरू मे ही राजनीतिक प्रस्ताव का मसौदा जारी कर दिया गया है। मसौदे पर पूरे देश मे पार्टी ईकाइयों द्वारा चर्चा की जा रही है और पार्टी सदस्यों द्वारा व्यक्तिगत या कमिटियों के माध्यम से अपने सुझाव, संशोधन भेजे जा रहे हैं। इन सुझावों, संशोधनो के अलावा अधिवेशन मे भाग लेने वाले प्रतिनिधियों द्वारा भी इस मसौदे पर होने वाली बहस में सुझाव देंगे। श्री पासवान ने बताया कि देश मे सीपीएम ही एक मात्र राजनीतिक पार्टी है, जिसके नीति निर्धारण मे जनवादी तरीके से सभी पार्टी सदस्यों का प्रतिनिधित्व व भागीदारी होती है। यह प्रक्रिया पार्टी के अंदर लोकतांत्रिक क्रिया कलाप का उच्चतम स्वरूप है। इस सम्मेलन मे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के आकलन के साथ-साथ हमारे देश मे राज सत्ता पर काबिज कॉरपोरेट - सांप्रदायिक गठजोड़ से बनी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा भारत के संविधान को कमजोर किए जाने की कवायद, राष्ट्रीय संपदा को पूंजीपति वर्ग के हवाले करने और देश मे संगठित रुप से सांप्रदायिक उन्माद पैदा कर धुव्रीकरण की साजिश रचने तथा बेरोजगारी और मेहनतकश जनता के जीवन जीविका पर छाए गंभीर संकट से निपटने की रणनीति को लागू करने की कार्ययोजना का खाका तैयार कर लगातार और निर्णायक संघर्ष का विगुल फूंका जायेगा। अधिवेशन में अगले तीन सालों के लिए केन्द्रीय कमिटी, पोलिट ब्यूरो व महासचिव का भी चयन किया जाएगा।
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