टीम एबीएन, रांची। लोगों को रियायत देने की सरकार की मंशा तब धूमिल हो जाती है, जब उसके प्रयासों का बंदरबांट हो जाता है। इस कारण जरूरतमंद लोग इससे वंचित हो जाते हैं और फरेबी लोग इसका नाजायज फायदा उठा लेते हैं। चाहे मामला सब्सिडी का हो या कोई और। ताजा मामला राजधानी रांची के बूटी मोड़ इलाके का है। जहां रांची नर्सिंग अस्पताल के सामने जनवरी के करीब एक फ़ास्ट फ़ूड की दुकान खुली है। नाम है लॉकडाउन हंगर। उसमें दुकान के अन्दर एक 14kg का डोमेस्टिक सिलिंडर तथा चाय और मोमो गर्म करके परोसने के लिये दो 5-5 kg के घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है। यही नहीं, ऐसे कई दुकानदार हैं, जो घरेलू गैस सिलिंडरों का इस्तेमाल व्यायसायिक कार्यों के लिए करते हैं। ज्यादातर ठेले-खोमचे वालों को घरेलू गैस सिलिंडर का प्रयोग करते देखा जा सकता है, जो कानूनन अपराध है।