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भारत की सामाजिक स्थिति पर रोटरी क्लब रांची ने किया विचार मंथन

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भारत की सामाजिक स्थिति पर रोटरी क्लब रांची ने किया विचार मंथन
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एबीएन डेस्क (एनके मुरलीधर)। देश की सामाजिक स्थिति कैसी है इसके लिये हमें अपने अतीत को समझना होगा। हमारा अतीत संस्कृति और सत्य सनातन के आधार पर तय किया गया है। सामाजिक स्थिति को समझने के हमारे दो रास्ते हैं एक तो हम वर्तमान से अतीत की ओर जायें या फिर अतीस से वर्तमान की ओर आये। आज रांची रोटरी के इस कार्यक्रम में मैं इस विषय पर अतीत से वर्तमान की चर्चा करूंगा। हमारे अतीत में योग्य और अति कुशाग्र राजाओं की एक परंपरा रही है जिन्हें हम ईश्वर तुल्य मानते हैं। इसमें पहला नाम जो पूर्ण व्यवस्थित मानवीय सत्ता और समाजवाद चिंतन का प्रखर उदाहरण है वह हैं श्रीराम। लगभग दस हजार साल पहले इनका राज्य था और इनके राज्य में देश के सांस्कृतिक मूल्य, मानवीय भाव और आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को लेकर ऊंचे मापदंड थे। लेकिन हमारे देश में इस काल को लेकर कई संगठन, व्यक्ति प्रतिवाद करते रहे हैं। उनकी बुद्धि सीमित है या फिर विज्ञान का ज्ञान वहां तक नहीं पहुंचा है यह दोनों बात के अतिरिक्त हम सहजतापूर्वक मान सकते हैं कि आज का समाज भारतीय समाज राम राज्य की कल्पना में जीता है। उनके होने न होने का प्रमाण विज्ञान खोजें लेकिन हिंदू जन मानस के अत: करण में रामत्व है। राम और रामत्व का एक बड़ा विषय है इस पर फिर कभी विवेचना की जाएगी। लेकिन भारतीय समाज आज भी राम और कृष्ण के प्रतीकात्मक बिंम्ब से ही प्रचारित-प्रसारित होता रहा है। हम बढ़ते है कृष्ण के काल के समाज की ओर जो महाभारत के युद्ध जैसे स्मिता के पहचान के संघर्ष की बात बताता है। कृष्ण काल में जिस लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना की गयी और क्रूर होने पर अपनी मामा कंस का बध किया गया। और प्रेम की स्थापना के लिये राधे श्याम बनकर कृष्ण ने एक कीर्तिमान स्थापित किया। उस काल में धर्म की स्थापना के लिये समाज में समरसता की नयी ऊचांई गढ़ने का प्रयत्न किया गया। आज हमारे समाज में जाति और संकीर्णता को लेकर जो स्वर मुखरित होते हैं उसका कृष्ण के काल में कही नामोनिशान नहीं था। दुनिया की सबसे पहली मोटिवेशनकी किताब गीता में जीवन के सभी समस्याओं का हल है और 1980 के दशक में जब सोवियत रूस में सामाजिक हलचल मची तो गीता का एक लाख रूसी भाषा का अनुवाद वहां के बुदिजीवीयों को सैन्य जवानों अधिकारियों के साथ युवाओं को दिया गया। दुनिया की सबसे प्राचीन और समृद्ध भाषा संस्कृत हमारे बीच था और लगभग 12 हजार साल तक भारत उपमहाद्वीप दुनिया का सबसे समृद्ध और ताकतवर देश बना रहा। हमारी ताकत हमारा समाज ही था जिससे एक मजबूत भारत बना। चाणक्य और चन्द्रगुप्त ने जिस मौर्य सम्राज्य की स्थापना की। चाणक्य ब्राह्मण थे और चन्द्रगुप्त मौर्य थे। यह संकेत है कि देश में तब जातिवाद का प्रभाव कम था। फिर बुद्ध का प्रभाव और उसके कारण हमारा समाज और शासक अहिंसा ब्रत का धारण किया और पूरे दुनिया के समूह जिनका मालूम था कि एक अति समृद्ध देश भारत मानवीय और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ जी रहा है। कई गैर भारतीय समूहों का आक्रमण और देश का कमजोर होना तब आरंभ हुआ। हम लगभग हजार साल गुलाम रहे और उस काल में हम हीनभावना और उन तमाम बुराइयों से बच नहीं सके जो देश को कमजोर करता है। फिर भी हमारी धार्मिक मान्यतायें और संस्कृति का ओज हमें जोड़कर रखा। हम आजाद हुए। देश में फिर से लोकतांत्रिक मूल्य स्थापित हुई। समाज देश के निमार्ण में लगा। स्वार्थी तत्वों ने भाषा, जाति, धर्म और वैमन्स्यता की दिवार खड़ी की। लेकिन लोकतंत्र के अविष्कारक देश जहां मूल्य राम,कृष्ण और शिव के अवधारणाओं से संरक्षित होते हैं वहां फिर से हम विश्व को मार्ग दर्शन दिखाने की ताकत बने तो यह सशक्त समाज से संभव हुआ जो तीस हजार से अधिक जाति, उपजाति और 1500 से अधिक भाषाओं में अर्तनिहित है। आलोचना चाहे जितना कर लें भारतीय समाज की नींव उच्च मानवीय मूल्यों पर आधारित है जिसे हजारे संतों, ऋषि मुनियों से पोषित किया है। व्यक्ति से परिवार और परिवार से समाज का निर्माण होता है। देश में लगभग 25 करोड़ परिवार रहते हैं। इनके कार्य और आर्थिक स्थिति से हम देश का आकलन कर सकते हैं। देश में जाति आधारित कार्य और समाज का भ्रम टूट रहा है। देश पहले सामाजिक तौर पर मजबूत था, आगे फिर मजबूत होगा। समाज से बनी मजबूत सरकारे, व्यवस्था, हमें उम्मीद देती है। इस उम्मीद के सहारे, अपने अतीत पर गर्व करते हुए हम अपने मूल्यों के साथ विकास करेगे। हम हिंसक समाज न थे न हैं न हो सकते हैं लेकिन अपनी सुरक्षा और संरक्षा कोलेकर गंभीर भी है। कार्यक्रम में उपस्थित रांची रोटरी की अध्यक्ष कांता मोदी जी, हेमंत गुप्ता, योगेश गंभीर और राजीव मोदी सहित उपस्थित जनों का आभार प्रकट करता हूं कि आप लोगों ने मुझे इस उपयोगी विषय पर विचार रखने का अवसर दिया। (लेखक एबीएन न्यूज 24 डॉट कॉम से जुड़े हैं।)
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