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10,388 पोषण सखियों की सेवा पुन: बहाल करे झारखंड सरकार : सीटू

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10,388 पोषण सखियों की सेवा पुन: बहाल करे झारखंड सरकार : सीटू
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टीम एबीएन, कोडरमा। सार्वजनिक क्षेत्र का बड़े पैमाने पर निजीकरण करने, श्रम कानूनों मे मालिक पक्षीय बदलाव किए जाने के खिलाफ और आईसीडीएस का निजीकरण पर रोक लगाने, पोषण सखी की सेवा बहाल करने, स्थायीकरण, प्रति माह 26 हजार वेतन, स्कूलों में प्री स्कूल नहीं खोलने आदि मांगों को लेकर ट्रेड यूनियनों एवं कर्मचारी फेडरेशनो के आह्वान पर आयोजित 28-29 मार्च की देशव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को सीटू के बैनर तले आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका व पोषण सखी ने जिला मुख्यालय पर किया जोरदार प्रदर्शन, जमकर लगाए नारे। इससे पूर्व सब्जी मार्केट से कोडरमा बाजार, रांची पटना रोड होते हुए समाहरणालय तक विशाल जुलूस निकाला गया। जिसमें केंद्र सरकार होश में आओ, निजीकरण पर रोक लगाओ, आईसीडीएस का निजीकरण नहीं चलेगा, न्यूनतम 26 हजार मानदेय देना होगा, बकाया पोषाहार और मानदेय की राशि का भुगतान करो, पोषण सखी को पुन: बहाल करो आदि नारे लगाए जा रहे थे। इस अवसर पर शकुंतला मेहता की अध्यक्षता में हुई सभा को सीटू राज्य कमिटी सदस्य संजय पासवान, रमेश प्रजापति, आंगनबाड़ी संघ की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी, जिला सचिव वर्षा रानी, कर्मचारी महासंघ के जिला सचिव शशि कुमार पांडेय, महिला विंग की संयोजिका पिंकी कुमारी, पोषण सखी सरिता व पिंकी निर्माण मजदूर यूनियन के प्रेम प्रकाश एवं सुरेंद्र पाण्डेय आदि ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि यह हड़ताल देश का भविष्य बचाने के लिए है, निजीकरण के रास्ते हमे गुलाम बनाने की साजिश हो रही है। कोरोना काल में करोड़ों लोगों का रोजगार छिन गया है, उपर से बैंक, रेलवे, बीमा आदि सार्वजनिक कम्पनियों को बेचकर रोजगार के अवसर खत्म किया जा रहा है। आईसीडीएस का निजीकरण कर स्कूलों में मर्ज कर आंगनबाड़ी को बंद करने की साजिश की जा रही है। यह सफल हड़ताल मोदी सरकार को नीतियां बदलने पर मजबूर करेगी। धन्यवाद ज्ञापन सरस्वती देवी ने किया। प्रदर्शन उपरांत केन्द्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को दिया गया। वहीं राज्य के 10388 पोषण सखी को पुन: बहाल करने, चार माह से बकाया मानदेय, 7 माह से बकाया पोषाहार और आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के खीचड़ी के लिए बकाया चावल का भुगतान व पोषण ट्रैकर ऐप पर काम करने में हो रही समस्या आदि सवालों पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। मौके पर यशोदा देवी, मंजू मेहता, लीला कुमारी, मीना देवी, बिमला देवी, बेबी देवी, सरस्वती देवी, कविता यादव, जरीना खातुन, गायत्री पासवान, शाहिना प्रवीण, सुनीता देवी, कनक कुमारी, रूबी कुमारी, रीना कुमारी, रूबी देवी, सोनी देवी, शाह बानो, तर्रनुम प्रवीण, प्रभा, रेखा, रीता, मीना, संजू, सोनी कुमारी, किरण देवी, निशा भारती, आरती देवी, रजनी कुमारी, मंजू देवी, महेन्द्र तुरी, रविन्द्र भारती, अशोक रजक सहित सैकड़ों लोग मौजूद थी।
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