टीम एबीएन, मेदिनीनगर। पलामू चेंबर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आनंद शंकर और सचिव इंद्रजीत सिंह डिंपल ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर झारखंड विधानसभा में पारित प्रस्ताव का विरोध किया । उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि अगर 2% की बाजार समिति पुन: लागू हो जाएगी तो इससे किसानों और व्यवसायियों का बहुत नुकसान होगा। मौके पर अध्यक्ष आनंद शंकर ने कहा कि अभी सरकार को इज आॅफ डूइंग बिजनेस के तहत टैक्स एवं अन्य कर कम करने चाहिए ताकि नय एंटरप्रेन्योर्स को बढ़ावा मिल सके। इसके विपरीत सरकार इंस्पेक्टर राज को प्रोत्साहित कर रही है। साथ ही अनावश्यक टैक्स लग रही है, अगर सरकार 2% का बाजार समिति लाएगी तो झारखंड का हर जिÞले का चेंबर परिवार इसका विरोध करेगा । श्री शंकर ने कहा कोरोना के बाद मंदी के दौर से मार्केट को उठाने के लिए हम सरकार से राहत की उम्मीद कर रहे थे ना की आहत की। चेंबर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करते हुए सुझाव देना चाहेगा कि बाजार समिति के पास बहुत सारी जमीन और खाली मार्केटिंग यार्ड पड़े हुए हैं अगर सरकार उद्योगों को बढ़ावा देना चाहती है तो वहां पर वेंडर जोन,औद्योगिक और इंडस्ट्रियल एरिया डिवेलप करें जिससे व्यवसाय भी बढ़ेगा और सरकार की आमदनी भी बढ़ेगी। साथ ही रोजगार का सृजन भी होगा। सचिव इंद्रजीत सिंह डिंपल ने कहा अगर बाजार समिति का कर लगता है जीएसटी का कलेक्शन आधा से ज्यादा गिर जाएगा क्योंकि लोग सीमावर्ती राज्यों से माल खरीद कर ले जाएंगे और झारखंड का जीएसटी नहीं मिल पाएगा। साथ ही जीएसटी कलेक्शन में भारी गिरावट आएगी। इसके अलावा सीमावर्ती राज्यों से समान की तस्करी बढ़ेगी और हमारे किसानों और दुकानदारों का समान नहीं बिकेगा । इंस्पेक्टर राज का पुना आना व्यसाय के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि पहले ही व्यवसाय बहुत बुरी हालत में है और नुकसान झेल रहा है और महंगाई के इस दौर पर अतिरिक्त कर का बोझ व्यवसाय को पूरी तरह खत्म कर देगा। इसलिए मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि किसी प्रकार का अतिरिक्त कर ना लगाते हुए बाजार समिति को अन्य राज्यों की तर्ज पर पूरी तरह खत्म कर दिया जाए।