टीम एबीएन, रांची। रानी चिल्ड्रेन अस्पताल में बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजन अस्पताल पर डॉक्टरों की लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। परिजनों के मुताबिक अस्पताल में 18 मार्च से उनके साढ़े 4 साल के बच्चे के हाथ दर्द करने की शिकायत पर इलाज किया जा रहा था। लेकिन अचानक 28 मार्च को बच्चे की मौत की सूचना अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को दी। परिजनों के मुताबिक इलाज में लापरवाही बरती गई है, जिससे उनके बच्चे की मौत हुई है। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची कोतवाली थाने की पुलिस हंगामे को शांत कराने में जुटी है।
क्या है मामला : हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड अंतर्गत रामजीता गांव के देवदत्त पांडेय 18 मार्च को अपने बच्चे को रानी हॉस्पिटल में इलाज कराने आये थे। उनकी मंशा थी कि बच्चे को दिखाकर वे वापस चले जायेंगे। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें बच्चे को भर्ती करने की सलाह दी। डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने बच्चे को भर्ती करा दिया। जिसके बाद उसी गम्भीर बताते हुए वेंटिलेटर ने ले जाया गया। बाद में एक महंगी सुई (कीमत करीब 60-70 हजार रुपये) लाने को कहा गया। परिजन ले भी आये। सुई लगाने में करीब तीन घण्टे लगे। सोमवार की सुबह परिजनों को बच्चे के जीवित नहीं रहने की सूचना दी गयी। जिससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर बवाल काटा। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से मामले को सुलझाया जा सका।