टीम एबीएन, रांची। जर्मनी के राजदूत वाल्टर लिंडनर 24 मार्च को रांची विश्वविद्यालय के मोराबादी कैंपस स्थित पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग पहुंचे। वहां कुलपति डॉ कामिनी कुमार, रजिस्ट्रार डॉ मुकुंद चंद्र मेहता, उपनिदेशक डॉ विष्णु चरण महतो, समन्वयक डॉ डीके सहाय एवं सभी शिक्षकों ने उनका स्वागत किया। राजदूत वाल्टर लिंडनर के साथ जर्मन दूतावास के कई अन्य सदस्य भी आये थे। जर्मन राजदूत ने पत्रकारिता विभाग के स्टूडियो, प्रयोगशाला एवं कक्षाओं को अपनी टीम के साथ स्वयं घूम-घूम कर देखा। उनकी पूरी टीम विभाग में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया प्रयोगशाला और स्टूडियो के कक्षाओं को देख अभिभूत थी। उत्सुकतावश उन्होंने कई सवाल भी किये। कुलपति तथा शिक्षकों से मिलने के बाद उन्होंने विभाग के छात्रों से मिलने एवं बातचीत की इच्छा जतायी। इसके बाद कक्षा में छात्रों के साथ बातचीत से वह इतने प्रभावित हुए कि डेढ़ घंटे तक छात्रों से बातचीत और सवाल जवाब का दौर चला। कक्षा में पत्रकारिता से एमए एवं बीए कर रहे छात्रों से उन्होंने खुद कई सवाल किये और छात्रों के ढेर सारे सवालों का जवाब भी दिया। छात्रों से फेक न्यूज, न्यू मीडिया की चुनौतियों, प्रिंट मीडिया की अच्छी विश्वसनीयता पर भी चर्चा की। छात्रों के जर्मनी भारत के संबंधों, जर्मनी में संस्कृत भाषा के प्रति लगाव, जर्मनी की विदेश नीति पर सवालों के जवाब दिये। राजदूत वाल्टर लिंडनर ने बताया कि वह स्वयं संगीत प्रेमी और एक संगीतकार होने के साथ-साथ नयी जगहों की यात्रा करना खूब पसंद करते हैं। झारखंड आकर उन्हें बहुत प्रसन्नता हुई।
पत्रकारिता विभाग में अपने इस आगमन की सफलता पर वह बहुत संतुष्ट और प्रसन्न दिखे। कार्यक्रम के बाद छात्रों संग उन्होंने उन्मुक्त होकर सेल्फी खिंचवायी। कुलपति, रजिस्ट्रार, उपनिदेशक विभाग के शिक्षकों तथा कर्मियों के गर्मजोशी भरे स्वागत और छात्रों से मिलने के बाद राजदूत ने रांची विश्वविद्यालय फिर आने की इच्छा जतायी।