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डीवाईएफआई ने मनाया भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव का 92वां शहादत दिवस

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डीवाईएफआई ने मनाया भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव का 92वां शहादत दिवस
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टीम एबीएन, कोडरमा। शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की 92 वें शहादत दिवस पर भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) ने कोडरमा प्रखंड के चाराडीह पंचायत अंतर्गत चूटीयारो में शहादत दिवस मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। जहां इन्कलाब जिन्दाबाद, भगत सिंह राजगुरु सुखदेव अमर रहे, शहीदों तेरे अरमानों को मंजिल तक पहुंचाएंगे, साम्राज्यवाद मुर्दाबाद, समाजवाद जिन्दाबाद आदि गगन भेदी नारे लगाये गये। इस अवसर पर अरविंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई सभा के मुख्य वक्ता डीवाईएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि भगत सिंह एवं उनके साथियों का सपना था कि अंग्रेजों को सत्ता से उखाड़ फेकना और आजाद भारत की राज सत्ता पर किसानों, मजदूरों और तमाम मेहनतकशों की सत्ता स्थापित करना। सपनों का भारत बनाने के लिए उन्होंने अपने साथी राजगुरु और सुखदेव के साथ फांसी के तख्ते को चूम लिया। दुर्भाग्य है कि आज दिल्ली की गद्दी पर ऐसी सरकार का कब्जा है, जो पूंजीवाद, सांप्रदायिक और जनविरोधी है। महंगाई की मार से आम जनता कराह रही है, दूसरी तरफ पूंजीपतियों का मुनाफा लगातार बढ़ रहा है। सरकारी सम्पत्तियों को औने पौने दामों पर चहेते पूंजीपतियों को बेचा जा रहा है। नई शिक्षा नीति से भारत के बहुसंख्यक गरीब मध्यम वर्ग के छात्र उच्च शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। नौजवान बेरोजगारी की चक्की में पीसे जा रहे हैं। नौकरी मांगने पर पकौड़े तलने व पंचर बनाने के लिए कहा जा रहा है। डीवाईएफआई के जिलाध्यक्ष परमेश्वर यादव, जिला सचिव सुरेंद्र राम, पूर्व छात्र नेता मुकेश कुमार यादव ने कहा कि हमारा कर्तव्य है कि हम भगत सिंह और उसके साथियों के विचारों को समझे और उसको हथियार बना कर आज एक सुन्दर हिंदुस्तान बनाने के लिए संकल्प लेना होगा। ऐसा हिंदुस्तान जहां सबको बेहतर शिक्षा, हर हाथ को काम, हर पेट को रोटी, हर जरूरतमंद आदमी को दवा मिले। जहां मजदूरों, किसानों और महिलाओं के साथ भेदकरभाव और शोषण न हो। कार्यक्रम में अरविन्द कुमार सिंह, शम्भु कुमार, बासुदेव साव, बलराम सिंह, दाउद अंसारी, मुकेश कुमार, सागर कुमार, रूपेश राणा, पिन्टु कुमार साव, अजय कुमार दास, प्रदीप कुमार दास, सचिन राणा, नरेश सिंह, सकलदेव सिंह, सोनू कुमार सिंह, घनश्याम साव, नरेश राम, प्रीतम कुमार सिंह, विक्रम सिंह, रूपेश, मुन्ना कुमार, प्रवीण कुमार, राहुल साव, चंदन कुमार, विशाल कुमार, गुजर साव सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।
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