टीम एबीएन, पलामू। पलामू जिले के किसान पारंपरिक खेती से हटकर अब आधुनिक खेती करने लगे हैं। इसके जरिए पौष्टिक फसलों का उत्पादन कर बेहतर कमाई कर रहे हैं। इससे किसानों के जीवन में बदलाव के साथ साथ इलाके की तस्वीर की बदल रही है। इस बदलाव में जिला प्रशासन भी किसानों की मदद कर रहे हैं। जिला प्रशासन की मदद से किसान ने ब्रोकली की खेती शुरू की। अब सदर प्रखंड के विश्रामपुर इलाके में बड़े पैमाने पर ब्रोकली का उत्पादन किया जा रहा है और इसकी सप्लाई बंगाल, बिहार, ओडिशा, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में की जा रही है। फूलगोभी की तरह दिखने वाला ब्रोकली बाजार में 70 से 80 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। स्थिति यह है कि जो किसान पहले गोभी की खेती करते थे, वह अब ब्रोकली की खेती कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक खेती करने को लेकर किसानों को प्रोत्साहित किया और जिले के 272 किसानों को ब्रोकली की खेती से जोड़ा। किसानों को 100 प्रतिशत अनुदान पर बीज उपलब्ध करवाया गया। इसके साथ ही जिला प्रशासन की देखरेख में किसानों ने नर्सरी तैयार की। एक वर्ष में ब्रोकली ब्रोकली की खेती करने वाले किसानों की संख्या 600 से अधिक हो गई है। किसान विजय महतो और उमेश महतो कहते हैं कि काफी कम लागत में ब्रोकली की खेती की जा रही है। इस खेती से आमदनी 4 गुना बढ़ गई है। पलामू प्रमंडलीय आयुक्त जटाशंकर चौधरी और पलामू डीसी शशि रंजन ने बताया कि पलामू के इलाके में गैर परंपरागत खेती की बड़ी संभावना है। किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाजार में ब्रोकली की मांग अधिक है। इस तरह की खेती से पलामू के ग्रामीण इलाकों में बड़ा बदलाव लाएगी।