टीम एबीएन, रांची। झारखंड के सिमडेगा में बैंक आॅफ इंडिया की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां बैंक की गलती एक महिला को इस कदर भारी पड़ गई कि उसके लाखों रुपए किसी और ने निकाल लिए और खर्च भी कर दिए। इतना ही नहीं अब जब मामला सामने आया तो बैंक अपनी गलती मानने के बजाय दोनों महिलाओं पर ही दोषारोपण करने में लगा हुआ है। फिलहाल बैंक ने अकाउंट को फ्रीज कर दिया है। लिहाजा अब कोई वित्तीय लेनदेन नहीं हो पाएगा। इस मामले में इंटक नेता दिलीप तिर्की ने लचड़ागढ़ ब्रांच पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। इसमें बैंक मैनेजर बिमल कुमार बाड़ा सहित सभी कर्मचारियों के स्तर से हुई लापरवाही की जांच कराने की मांग की गई है।
एक नाम की दो महिलाओं ने किया था आवेदन : दरअसल मामला सिमडेगा जिले के कोलेबिरा ब्लॉक के लचड़ागढ़ स्थित बैंक आॅफ इंडिया की शाखा का है। यहां बैंक में मरियम कंडुलना नाम की दो महिलाओं ने अपना अकाउंट खोलने के लिए आवेदन किया। इसके बाद एक महिला का अकाउंट तो खुल गया लेकिन दूसरी का नहीं खुला। वहीं जब महिलाएं बैंक के पास पूछताछ के लिए पहुंची तो दोनो को एक ही अकाउंट नंबर के कागजात दे दिए गए। यह अकाउंट 2019 में खोला गया था। हालांकि दो महिलाओं के गांव, पति का नाम, आधार कार्ड सब अलग है।
घर में खर्च कर दिये पैसे : यह मामला तब खुला जब इस अकाउंट में एलआईसी के पैसे आए। दरअसल पीड़ित महिला के पति की मौत के बाद यही अकाउंट नंबर उसने एलआईसी में जमा करा दिया। जिसके बाद उस खाते में 1 लाख 28 हजार 900 रुपए एलआईसी ने भेजे। अब दूसरी महिला जिसका अकाउंट खुला था, उसे लगा कि यह पैसे उसके घर में लगे मोबाइल टावर कंपनी की तरफ से भेजे गए हैं। यह सोच कर उसने सारे पैसे निकाल लिए और घर बनवाने में खर्च कर दिये। मामले की जानकारी होने के बाद अग्रणी जिला प्रबंधक बैंक कर्मचारियों के बजाए दोनों महिलाओं की गलती बता रहे हैं।
आर्थिक स्थिति ठीक नहीं : जब बैंक ने मामले की जांच की और दूसरी महिला को बुलाकर पैसे वापस करने के लिए कहा तो उसने कहा कि वह इतना पैसा देने की आर्थिक स्थिति में नही है। जिसके बाद बैंक ने महिला का अकाउंट फ्रीज कर दिया है। फिलहाल अब वह कोई लेनदेन नहीं कर पा रही है। हालांकि विधवा महिला की हालत देखकर कोलेबिरा इऊड की ओर से उसे अनाज मुहैया कराया गया है। वहीं इस मामले में इंटक नेता दिलीप तिर्की ने लचड़ागढ़ ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इस मामले में बैंक मैनेजर बिमल कुमार बाड़ा सहित सभी कर्मचारियों के स्तर से हुई लापरवाही की जांच कराने की मांग की है।