टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में आज कहा कि राज्य में पंचायत चुनाव नहीं होने से केंद्र सरकार से मिलने वाली 700 से 800 करोड़ रुपये की सहायता रूक गयी है। सोरेन ने कहा कि इसलिए सरकार आर्थिक नुकसान को और अधिक नहीं सह सकती और ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट कराए बिना जल्द पंचाायत चुनाव कराने के पक्ष में हैं। विधानसभा में मुख्यमंत्री प्रश्नकाल में आजसू पार्टी के डॉ लंबोदर महतो के एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने ओबीसी आरक्षण को लेकर जो ट्रिपल टेस्ट कराने का आदेश दिया है लेकिन इसके बावजूद पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु में पंचायत चुनाव कराएं गये। उन्होंने एक ओर जनप्रतिनिधियों की ओर से राज्य में जल्द से जल्द पंचायत चुनाव कराने के लिए दबाव दिया जा रहा हैं, वहीं दूसरी ओर ओबीसी आरक्षण देते हुए चुनाव कराने की मांग की जा रही है, यानी वे चाहते हैं कि हेड भी मेरा और टेल भी मेरा रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई योजनाओं में केंद्र सरकार से हिस्सेदारी और आर्थिक सहायता मिलती हैं, लेकिन अब 700 से 800 करोड़ रुपये की सहायता रोक दी गयी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रिपल टेस्ट कराने में समय लगेगा, लेकिन झारखंड आर्थिक नुकसान को सहने की स्थिति में नहीं हैं। राज्य की आबादी करीब सवा तीन करोड़ से अधिक हैं और सर्वे कराने में वक्त लगेगा, लेकिन सरकार संवैधानिक प्रक्रिया को मानते हुए ओबीसी आरक्षण को लेकर ट्रिपल टेस्ट जरूर कराएंगी। उन्होंने कहा कि ऐसी भी बात नहीं हैं कि पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण नहीं मिलने से ओबीसी के प्रतिनिधि जीत कर नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा में तो ओबीसी आरक्षण नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद आज सदन में ओबीसी के प्रतिनिधि मौजूद हैं। राज्य में ओबीसी की संख्या को देखते हुए पंचायत चुनाव में भी पर्याप्त संख्या में ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधि जीत कर आएंगे।