टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार अपने फैसलों को लेकर इन दिनों काफी सुर्खियों में है। चाहे विधानसभा में नमाज कक्ष का आवंटन हो, या फिर 1932 का खतियान। समय-समय पर झारखंड की महागठबंधन सरकार बिना सोचे समझे निर्णय लेने के चलते हमेशा सुर्खियों में रहती है। सोमवार को 1932 के खतियान को लेकर विभिन्न संगठनों का विधानसभा घेराव कार्यक्रम प्रायोजित था। इसी को लेकर विभिन्न आदिवासी संगठन के पदधारियों और सदस्यों ने राजधानी की सड़कों पर जमकर बवाल काटा। उनका दल विरोध प्रदर्शन करते हुए विधानसभा की ओर आगे बढ़ा। हालांकि, इस दौरान उन्हें पुलिस की बैरिकेडिंग का भी सामना करना पड़ा।