टीम एबीएन, कोडरमा। जैन संत मुनि श्री 108 प्रणव सागर जी महाराज सायत्वसागर जी महाराज का पैदल मंगल विहार कोडरमा से चतरा की ओर हुआ। जैन संत पिछले 40 दिनों से कोडरमा में धर्म की गंगा बहा रहे थे। प्रतिदिन प्रात: उनके द्वारा जैन मंदिर के सरस्वती भवन में धर्म उपदेश श्रद्धालुओं के लिए होता था। अपने प्रवास के दिनों में उन्होंने बहुत लोगों को धर्म मार्ग पर लगाया। समाज के सभी वर्ग महिला, पुरुष बच्चे ने पिछले 40 दिनों में सभी कार्यक्रम में हिस्सा लेकर पुण्य अर्जित किया। मुनि श्री ने अपने उदबोधन में कहा कि जहां भी गुरु और संत का आगमन होता है वहां धर्म की गंगा बहती है। झुमरी तिलैया नगरी में हमेशा संतों का आगमन होते रहता है। यहां की धरती पूजनीय यहां के युवा बहुत ही कर्मठ एवं ऊर्जावान है। मैं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद देता हूं। जैन समाज के मंत्री ललित शेट्टी ने कहा कि हम सभी लोग भाग्यशाली हैं कि गुरुदेव का आशीर्वाद और उनके चरण यहां पर पढ़ते रहते है। निवर्तमान पार्षद पिंकी जैन ने कहा की जैन संत इस विश्व के अनमोल धरोहर हैं। इनके कठोर तप और त्याग की तुलना नहीं की जा सकती है। जैन संत आजीवन पूरे भारतवर्ष में पैदल चलकर विश्व शांति, और धर्म संस्कृति का ज्ञान लोगों के बीच प्रकाशित करते हैं। मौके पर जैन समाज के कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन काला, सुरेश जैन झांझरी, अजय जैन बड़जात्या, आशा गंगवाल, किरण ठोलिया, किरण बड़जात्या, कमल जैन गंगवाल, संजय, दीपाली, अंकिता जैन सेठी, निधि जैन आदि लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा, नवीन जैन ने दी।