टीम एबीएन, कोडरमा। कोविड काल से कोडरमा जंक्शन पर पिछले 24 महीनों से बंद पड़ीं वाटर वेंडिंग मशीन अभी तक चालू नहीं की जा सकी हैैं। अब सभी ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया है। इसके बाद भी यात्रियों को महंगी दरों पर बोतल बंद पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। रेलवे में केवल रेल नीर ही बेचना है। डिमांड अधिक और सप्लाई कम होने से दूसरे ब्रांड के पानी पीने की मजबूर है। रेलवे ने यात्रियों को सस्ती दर पर ठंडा मिनरल वाटर उपलब्ध कराने के लिए जंक्शन पर कई वाटर वेंडिंग मशीनें लगाई थीं। इनमें सिक्का डालने पर पैसे के हिसाब से यात्रियों को ठंडा मिनरल वाटर उपलब्ध हो जाता था। कोरोना के चलते विभिन्न ट्रेनों के परिचालन पर रोक लगा दी थी। उसके साथ ही वाटर वेंडिंग मशीनों को भी बंद करा दिया गया। इनकों हैदराबाद के प्राइवेट कंपनी को कांट्रेक्ट पर दिया गया था। रेलवे उसके एवज में भाड़ा लेता है। इधर, यात्रियों की संख्या बढने के साथ सुविधाओं में बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। कोडरमा स्टेशन पर वाटर मशीन को संचालित करने वाले कर्मी ने बताया कि कुछ माह पूर्व एक सप्ताह के लिए काउन्टर खुला था उन्होनें कहा कि 22 मार्च 2020 के पूर्व स्टेशन के दोनों मशीनों से प्रतिदिन 250-300 लीटर पानी की बिक्री हो जाती थी।
क्रशर मशीन भी बंद :
रेलवे परिसर में इधर-उधर प्लास्टिक की बोतल नहीं रहे या कोई इनमें दोबारा पानी भरकर यात्रियों को न थमा दें, इसके लिए रेलवे के आदेश पर प्राइवेट कंपनी द्वारा क्रशर मशीन लगाई गई है। वह भी कोविड काल में पिछले दो सालों से बंद है। इससे पानी पीने के बाद यात्री इधर-उधर बोतल फेंक देते हैैं। स्टेशन पर लगे एक लगेज स्कैनरों अभी बंद रखा गया है। कोडरमा के सीटीआई अरविन्द कुमार सिंह ने बताया कि वरीय वाणिज्य अधिकारियों के दिशा निर्देश के बाद वाटर मशीन को चालू किया जायेगा।इधर धनबाद रेलमंडल के वरीय वाणिज्य प्रंबंधक अखिलेश पांडेय ने बताया कि इस संबंध में आईआरसीटी को धनबाद रेलमंडल को धनबाद कोडरमा सहित अन्य स्टेशनों पर इस व्यवस्था को शीर्घ चालु कराने के लिए पहल की जायेगी। वही यात्री राजेश कुमार चद्रवंशी ने बताया कि कोविड 19 के बाद स्टेशन परिसर में वाटर क्रेशर मशीन को शुरू करने के साथ-साथ ठंडे पानी की बोतल का काउन्टर खुलाने की जरूरत है साथ ही गर्मी के मौसम को देखते हुए इस व्यवस्था को शीर्घ चालु किया जाय ताकि यात्रियों का इसका लाभ मिल सके।