एबीएन सेंट्रल डेस्क। दक्षिणी त्रिपुरा के एक स्थानीय आदालत ने आॅनलाइन बैंक धोखाधड़ी के मामले में बुधवार को झारखंड से पकड़े गए 12 आरोपियों को तीन दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। भारतीय सेना के एक जवान ने शांतिबाजार जिले में नवंबर 2020 में इस मामले में केस दर्ज कराया था। अदालत ने पुलिस को दो थानों शांतिबाजार तथा बेलोनिया में पुछताछ करने की आज्ञा दी है तथा न्यायालयन ने इसकी रिपोर्ट शुक्रवार को कोर्ट में देने को कहा है। आरोपियों को त्रिपुरा केस के मामले में झारखंड के देवघर जिले से पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था। देवघर अदालत ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड जारी किया था तथा त्रिपुरा पुलिस को राज्य में पुछताछ करने की अनुमति दी थी। गिरफ्तार के बाद शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी देश के कई हिस्सों में आॅनलाईन धोखाधड़ी के मामले में शामिल है जिसमें से शांतिबाजार में दर्ज केस भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक मामले दर्ज कराने वाले सेना के जवान शांतिबजार के नरेश विस्वास के रुप में की गयी है, जो जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। वह एक नवंबर 2020 को पुलिस थाने में मामले दर्ज कराये थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक यात्रा वेवसाइट से इंडिगो एयरलाइंस में जम्मू से अगरतला के लिए टिकट लिया था लेकिन कोरोना महामारी बढ़ने के कारण यात्रा रद्द हो गयी थी। रद्द टिकट के धन वापसी के लिए उन्होंने जब ग्राहक सेवा को फोन किया तो उनको बताया गया कि नकली वेवसाइट के जरिए उनसे ठगी हुई है। उनसे मोबाईल ऐप को डाउनलोड कर उसपर पंजीकरण करने के लिए कहा गया था। पंजीकरण करने के बाद उनसे उनके निजी बैंक की जानकारी ली गयी जिसके बाद उनके बैंक खाते से 1.76 लाख रुपये निकाल लिया गया, जिसके बाद उन्होंने एफआईआर दर्ज कराया था। इस मामले को एक वर्ष तक जांच पड़ताल करने के बाद इसको साइबर सेल के पास भेज दिया गया था। फोन नंबर को ट्रेस करने के बाद पुलिस ने नंबर को झारखंड के देवघर में पाया जिसके बाद झारखंड पुलिस की मदद से आरोपियों को पिछले सप्ताह गिरफ्तार कर लिया गया था।