झारखंड
अपने घर से ही करें महिला सशक्तिकरण की शुरुआत : शालिनी
ABN Bureau
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07 Mar, 2022
•
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टीम एबीएन, कोडरमा। गायत्री शक्तिपीठ में सोमवार को महिला दिवस को लेकर महिला सशक्तिकरण एवं आओ गढे़ संस्कारवान पीढ़ी( पुशंवन संस्कार) पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम गायत्री मन्दिर सभागार के हॉल में वेद माता गायत्री, पं श्रीराम शर्मा आचार्य एवं माता भगवती शर्मा की तस्वीर के समक्ष बतौर मुख्य अतिथि जिप प्रधान शालिनी गुप्ता आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी की राज्य संयोजिका डॉ ललिता राण कोडरमा की पूर्व सिविल सर्जन डॉ मधुबाला राणा राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य अधिवक्ता किरण कुमारी, ममता सिंह, नगर पंचायत कोडरमा की निर्वतमान उपाध्यक्ष कुलवीर सलुजा,महिला थाना प्रभारी प्रियंका कुमारी, चिकित्सक डॉ अलकृंता मंडल, डॉ भावना सेठ, डॉ रचना गुप्ता डॉ नम्रता सेठ, डॉ प्रीति रानी, डॉ अभिलाषा गुप्ता के अलावा ग्रीजली बीएड कॉलेज की प्रोफेसर मृदुला जयसवाल मंदिर के मुख्य ट्रस्टी अर्जुन राणा, आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी के आन्दोलन प्रबंधक संतोष वर्णवाल एवं पुंसवन संस्कार की जिला संयोजिका सुनीता सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रजवलित कर कार्यक्रम शुभांरभ किया। इसके बाद स्मृति वर्मा एवं सुनिता वर्णवाल के द्वारा नारी जागरण गीत देवियां देश की जाग जाए अगर युग स्वयं की बदलता चला .... तथा सुनीता भगत एवं सुमन पांडेय के द्वारा गायत्री मंत्र की प्रस्तुति की गयी। कार्यक्रम का मंच संचालन जिला संयोजक राजेन्द्र साव ने किया। वहीं अतिथियों का स्वागत ट्रस्टी नीलम शाहवादी, पूर्व ट्रस्टी मृत्युजंय भास्कर, दिनेश ठाकुर, राजेन्द्र मिष्ठकार, लीलावती मेहता ने स्वागत किया। बतौर मुख्य अतिथि जिप प्रधान शालीनी गुप्ता ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की यदि सही शुरूआत करनी है तो पहले अपने घर की बेटी, बहु मां और पत्नी को सम्मान देना सिखें तभी समाज में महिलाएॅ आगे बढ़ सकती है। कहा कि नारी कमजोर नहीं है। समाज मे महिलाएॅ ने अतुलनीय योगदान दिया है। घर में बहु बेटी में फर्क न करें तभी समाज की महिलाएं को सही सम्मान मिलेगा। राज्य महिला प्रभारी डॉ ललीता राणा ने कहा कि जिस देश में नारी की पूजा होती है और वैदिक रूप से गर्भ संस्कार किया जाता है। वो घर अतुलनीय होता है। नारी खेल शिक्षा सौदर्य के साथ-साथ हवाई जहाज और रेल चलाने का कार्य भी कर रही है उन्होनें कन्या भ्रुण हत्या घरेलु हिंसा दहेज प्रथा, डायन प्रथा, आदि मुददों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर चिकित्सकों ने गायत्री परिवार के द्वारा आयोजित कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुआ कहा कि कन्या भ्रुण हत्या रोकने के साथ-साथ सामाजिक कुरूतियों को दूर करने के लिए पहल की जरूरत है बिना संस्कार के बेहतर समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। इस अवसर पर मधुलिका सिंहा, प्रो नीरा सिंहा,सोनी जायसवाल, कामनी देवी, फुलकुमारी भारती, निर्वतमान वार्ड पार्षद आशा देवी एवं रीता देवी, राधा देवी, कौशल्या चैघरी, देवंती वर्मा, सुजाता वर्मा, मुक्ता वर्णवाल, देवंती देवी, लीलावती मेहता, विमला देवी, सरोजनी सिंह, सुदेश छाबडा, अंजनी देवी, गंधर्व सिंह, दुलारचंद महतो, सुधीर चंद्र, रामभजु चैधरी, भीष्मप्रसाद गुप्ता, विनय राणा, प्रकाश ठाकुर, विकास मोदी, चंदन मोदी आदि उपस्थित थे।
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