टीम एबीएन, लिट्टीपाड़ा (पाकुड़)। रविवार को लिट्टीपाड़ा प्रखंड में चितलोफॉर्म में आदिवासी चिरगा़ल जुवा़न, पाकुड़ की एक बैठक संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता केन्द्रीय अध्यक्ष मानवेल सोरेन ने किया। बैठक में संगठन विस्तार पर खुलकर चर्चा किया गया। सर्वसम्मति से विकास हांसदा को संगठन का कोषाध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद प्रखंड स्तर से लेकर के पंचायत और गांव स्तर का संगठन बनाने का निर्णय लिया गया। बाहरी भाषा के विरोध में और 1932 का खतियान लागू कराने के समर्थन में गांव-गांव तक अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार यहां के आदिवासी और मूल वासियों के साथ छलावा कर रही है। सरकार आने के बाद वह अपने घोषणापत्र को ही भूल गई है। अभी भी झारखंड बाहरी लोगों की गिरफ्त में है। इसको छुटकारा दिलाने के लिए युवाओं को फिर से संघर्ष करना होगा। हिरणपुर जनाक्रोश रैली को सफल बनाने के लिए केंद्रीय अध्यक्ष मानवेल सोरेन ने सब का शुक्रिया अदा किया। कार्यकारी अध्यक्ष सोम बेसरा ने अगले रणनीति पर प्रकाश डाला। प्रो निर्मल मुर्मू ने संगठन चलाने और एक सूत्र में चलने का गुर पढ़ाया। महासचिव मार्शल मरांडी ने आमड़ापाड़ा प्रखंड में जोरदार अभियान चलाने का सुझाव दिया। बैठक को सफल बनाने के लिए चर्लेश हेम्ब्रम, विकास हांसदा बेंजामिन मरांडी, बिसन हेम्ब्रम, राजाधन सोरेन, कोर्नेलियुस मराण्डी, पागान दा, प्रदीप, सिमोन मुर्मू आदि सैकड़ों युवा उपस्थित थे।