झारखंड
गुमला उपायुक्त ने की जिला पंचायत राज एवं जिला परिषद की समीक्षा
ABN Bureau
•
03 Mar, 2022
•
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टीम एबीएन, गुमला। उपायुक्त गुमला सुशांत गौरव की अध्यक्षता में जिला पंचायत राज एवं जिला परिषद की समीक्षा बैठक आईटीडीए भवन स्थित उपायुक्त के कार्यालय प्रकोष्ठ में की गई। बैठक में उपायुक्त ने जिला परिषद तथा पंचायत समिति द्वारा वित्तीय वर्ष 20-21 एवं 21-22 अंतर्गत प्राप्त राशि के विरूद्ध किए गए खर्च की समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिला परिषद अंतर्गत अन्टाईड फंड में 4.5 करोड़ राशि प्राप्त की गई थी। जिसके विरूद्ध अबतक 01 करोड़ की राशि का व्यय कर लिया गया है। जबकि टाईड फंड में 4.8 करोड़ की राशि के विरूद्ध 1.5 करोड़ की राशि का व्यय किया गया है। वहीं पंचायत समिति द्वारा अंटाईड फंड में प्राप्त राशि 7.2 करोड़ के विरूद्ध 5 करोड़ 15 लाख की राशि का व्यय किया गया है, जबकि टाईड फंड में प्राप्त राशि 7.2 करोड़ के विरूद्ध 3.8 करोड़ की राशि का व्यय कर लिया गया है। इसके साथ ही गुमला सदर, जारी, सिसई, पालकोट एवं बिशुनपुर प्रखंडों द्वारा पंचायत समिति अंतर्गत प्राप्त राशि के विरूद्ध किए गए खर्च की स्थिति असंतोषजनक पाई गई। जिला परिषद अंतर्गत प्राप्त राशि के विरूद्ध 28 प्रतिशत व्यय किए जाने तथा पंचायत समिति अंतर्गत 62 प्रतिशत व्यय किए जाने पर उपायुक्त ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने उप विकास आयुक्त को असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले उपरोक्त पांचों प्रखंडों के संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी एवं प्रखंड समन्वयक के साथ ऑनलाइन बैठक कर योजनाओं को पूर्ण कराते हुए प्रगति लाने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने 15 मार्च तक 60 प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने अन्यथा संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियं के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। बैठक में उपायुक्त ने पंचायत समिति के सभी सदस्य सचिव सह प्रखंड विकास पदाधिकारियों को प्रखंड स्तर पर विकास के कार्यों को धरातल पर लाने के उद्देश्य से आने वाली राशि से केवल प्रखंड स्तरीय योजनाओं का ही चयन करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने सभी प्रखंडों में अवस्थित यात्री शेडों का रंग रोगन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने जिले के सभी प्लस टू उच्च विद्यालयों में विकास के दृष्टिकोण से आवश्यक कार्यों के क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का चयन करने पर भी विशेष बल दिया।
उपायुक्त ने उप विकास आयुक्त को 15 मार्च तक खराब प्रदर्शन करने वाले सभी प्रखंडों का आंकलन करते हुए लंबित योजनाओं की समीक्षा करते हुए अद्यतन छायाचित्रों के साथ बैठक कर प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों को 15 मार्च तक जिला परिषद एवं पंचायत समिति द्वारा प्राप्त राशि के विरूद्ध शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने राजीव गांधी सेवा केंद्र/ पंचायत भवनों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। जिसपर डीपीएम पंचायत राज ने बताया कि 159 पंचायतों में से 08 पंचायतों में पंचायत भवन का कार्य लंबित है। उक्त आठ पंचायत भवनों में से एक पंचायत भवन न्यायलय वाद के कारण लंबित है। इसपर उपायुक्त ने उप विकास आयुक्त को 04 मार्च तक लंबित पंचायत भवनों का कारण ज्ञात करते हुए अपना मंतव्य स्पष्ट करते हुए 08 पंतायत भवनों से संबंधित प्रतिवेदन समर्पित करने तथा लंबित भवनों को 15 जून तक पूर्ण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने शेष सभी पूर्ण पंचायत भवनों में स्टॉक पंजी का संधारण, पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की व्यवस्था, चहारदीवारी, जियो एवं एयरटेल नेटवर्क की व्यवस्था, भारत नेट की क्रियाशीलता, प्रज्ञा केंद्र का संचालन, बैंक कॉरेस्पॉन्डेंट की सक्रियता, स्थानीय चौकीदार की उपस्थिति, पंचायत भवन में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों का संधारण, विद्युत व्यवस्था आदि बिंदुओं की जानकारी विहित प्रपत्रों में संलग्न करते हुए विस्तृत प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश उप विकास आयुक्त को दिया।
बैठक में पंचायत सचिवों के एसीपी एवं एमएसीपी से संबंधित विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 78 पंचायत सचिव हैं। जिनमें से 32 पंचायत सचिव एमएसीपी हेतु योग्य हैं। उपायुक्त ने सभी 78 पंचायत सचिवों के एसीपी के मामलों की समीक्षा करते हुए जिला स्थापना समिति की बैठक से पूर्व स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में पारित कराने का निर्देश दिया। पारित किए गए मामलों को जिला स्थापना समिति की बैठक में उपस्थापित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने जिला स्थापना समिति की बैठक में पंचायत सचिव के मामलों के अतिरिक्त शिक्षक, पंचायत सेवक/ जनसेवक, चौकीदार, सामान्य अनुकंपा, उग्रवादी हिंसा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों के लिए अनुकंपा, सेवानिवृत्ति के दौरान तथा पश्चात देय लाभों से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर बैठक में उपस्थापित करने का निर्देश दिया। बैठक में उपायुक्त सुशांत गौरव सहित उप विकास आयुक्त हेमंत सती, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मोनिका रानी टूटी, डीपीएम जिला पंचायत शाखा शशि किरण मिंज व अन्य उपस्थित थे।
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