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भाषा विवाद : 6 मार्च को बंद रहेगा झारखंड

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भाषा विवाद : 6 मार्च को बंद रहेगा झारखंड
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टीम एबीएन, रांची। झारखंड में भाषा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब बोकारो और धनबाद से भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका को क्षेत्रीय भाषा की सूची से हटाने का विरोध शुरू हो गया है। अखिल भारतीय भोजपुरी, मगही, मैथिली अंगिका मंच ने आज हरमू में बैठक कर हेमंत सरकार के फैसले का विरोध किया। मंच ने सरकार से मांग की है कि उर्दू की तरह सभी जिलों में हिंदी, मैथिली, अंगिका, भोजपुरी और मगही को क्षेत्रीय भाषा में शामिल करें। नहीं तो इस मुद्दे पर 6 मार्च को झारखंड बंद रखा जाएगा। हिंदी सहित कई भाषाओं को झारखंड की क्षेत्रीय भाषा की सूची से हटाने के फैसले को हिटलरशाही बताया गया। इससे पहले अखिल भारतीय भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका मंच के बैनर तले 28 संगठनों का हरमू के विद्यानगर में प्रतिकार सभा संपन्न हुआ, जिसमें 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति का आधारहीन मांग के विरोध में और राज्य के सभी जिलों में उर्दू के तर्ज पर भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका एवं हिंदी को क्षेत्रीय भाषा में शामिल करने की मांग की गई। प्रतिकार सभा में मंच ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि अब सभी 24 जिलों में द्वितीय राजभाषा भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका एवं हिंदी को उर्दू के तर्ज पर क्षेत्रीय भाषा में शामिल करने और 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति के आधारहीन व असंवैधानिक मांग के विरोध में 6 मार्च को संपूर्ण झारखंड बंद किया जाएगा। जय हिंद पार्टी के बबन चौबे ने कहा कि जबतक हेमंत सरकार अपने फैसले को निरस्त नहीं करेगी तबतक राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से जिलास्तर पर प्रतिकार सभा किया जाएगा। जेडीयू नेता उपेन्द्रनाराय सिंह ने कहा कि मंच द्वारा घोषित 6 मार्च को झारखंड बंद के पहले हेमंत सरकार भोजपुरी मगही हटाने के निर्णय को वापस ले लेती है तब झारखंड बंद को स्थगित कर दिया जाएगा, अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा।
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