टीम एबीएन, बरवाअड्डा (धनबाद)। सहिया साथी के चंद पैसों की लोभ और स्वास्थ्य विभाग धनबाद जिला प्रशासन बड़ी लापरवाही के कारण केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना परिवार नियोजन के तहत बंध्याकरण (नसबंदी) कराने के बाद भी महिला गर्भवती हो गई है । मामला धनबाद जिला के गोविंदपुर प्रखंड के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के सबसे सुदूरवर्ती मरिचो पंचायत के रतनपुर गांव का है। महिला को पहले से दो बच्चे हैं। मां रेखा ने और बच्चे की चाह छोड़ बंध्याकरण करवाया था। परिवार के भरण-पोषण में परेशानी हो रही थी। रेखा की मानें तो रतनपुर गांव के विवेक रजवार की पत्नी रेखा देवी (25) ने स्थानीय सहिया साथी के कहने पर 5 फरवरी 2020 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोविंदपुर में बंध्याकरण करवाया था। बंध्याकरण के एवज में रतनपुर गांव की स्थानीय सहिया साथी ने पैसे भी लिए थे। लेकिन फिर से वह गर्भवती हो गई, जिससे अब पति-पत्नी परेशान हैं। परिवार बहुत ही गरीब बीपीएल परिवार से है। किसी तरह दिहाड़ी मजदूरी कर जीवन यापन कर रहा है। सरकार हर वर्ष परिवार नियोजन पर करोड़ों खर्च करती है। आपरेशन के बाद भी बच्चा ठहरना लापरवाही की श्रेणी में आता है। मामला प्रकाश में आते ही मरिचो पंचायत के युवा क्रांतिकारी सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत कुमार महतो ने त्वरित संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग धनबाद जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया है। साथ ही कहा है इस मामले ने धनबाद गोविंदपुर स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल कर रख दी है। उन्होंने बताया कि पीड़ित महिला के साथ न्याय नहीं हुआ और मदद नहीं मिली तो प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग, कार्यपालक निदेशक सह सचिव स्वास्थ्य, राज्य स्वास्थ्य समिति झारखंड सरकार एवं प्राथमिक सामुदायिक स्वास्थ्य चिकित्सा पदाधिकारी गोविंदपुर के विरुद्ध परिवाद दाखिल किया जाएगा। पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए।