बालूमाथ। सरकार द्वारा निर्देशित गाइडलाइन सरकारी योजनाएं में जेसीबी का प्रयोग नहीं करने का खुलेआम धज्जियां उड़ती दिख रही है। बालूमाथ प्रखंड क्षेत्र के चेताग पंचायत अंतर्गत परहीया जाति के बसरिया टोला में ठेकेदार और लाभुक के बीच मिलीभगत से जेसीबी मशीन से कुएं की खुदाई की जा रही थी। ग्रामीणों के अनुसार यह कुआं कर्मदेव उरांव पिता गोंडलाल उरांव का है। जो स्थानीय ठेकेदार जितेंद्र कुमार के द्वारा काम लगाया गया था। सरकार एक ओर मजदूरों के लिए घर में ही रोजगार देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। साथ ही साथ मनरेगा जैसी योजनाओं में उन्हें 100 दिन का मिनिमम रोजगार देना है और मनरेगा योजना में मशीन से काम नहीं लगाना है। ताकि पलायन रुक सके। वहीं नये नियम के तहत अब जेसीबी से पर्सनल काम के लिए भी प्रखंड कार्यालय से आदेश प्राप्त होना चाइये। इसके बावजूद इस तरह खुलेआम दिनदहाड़े जेसीबी द्वारा कुएं की खुदाई प्रखंड प्रशासन की मिलीभगत को दशार्ता है। वहीं इस बारे में बालूमाथ बीडीओ मनीष कुमार ने बताया कि जेसीबी से कूप निर्माण करने की सूचना मिली थी लेकिन कर्मदेव यादव द्वारा खुद से कूप निर्माण कराया जा रहा है। वहीं निजी कूप निर्माण के लिए जेसीबी द्वारा खुदाई मामले में कहा कि ग्रामीण जानकारी के अभाव में कूप निर्माण कार्य कर रहा था।