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गुमला : नगर भवन में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर संपन्न

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गुमला : नगर भवन में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर संपन्न
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टीम एबीएन, गुमला। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के संरक्षण में जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला के सौजन्य से लीगल अवेयरनेस एण्ड आऊटरीच कैम्पेन के अंतर्गत अनुसूचित जनजातियों, श्रमिकों, विधवाओं, महिलाओं, दिव्यांगजनों एवं समाज के अति पिछड़े वर्ग के लोगों को विधिक सेवा तथा कल्याणकारी योजनाओं के लाभांश वितरण हेतु विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन नगर भवन में किया गया। शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा गुमला श्री सुभाष, जिला एवं सत्र न्यायाधीश दितिय दुर्गेश चन्द्र अवस्थी, अध्यक्ष बार एसोसिएशन गुमला नंदलाल, डालसा सचिव आनंद सिंह, निदेशक आईटीडीए इंदु गुप्ता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सीता पुष्पा, द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया गया। विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर के उद्देश्यों को साझा करत हुए प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा गुमला श्री सुभाष ने कहा कि आज गुमला जिले में विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों, श्रमिकों, विधवाओं, महिलाओं, दिव्यांगजनों एवं समाज के अति पिछड़े वर्ग के लोगों तक संवैधानिक प्रावधानों एवं संवैधानिक लाभों को पहुंचाने के साथ-साथ उक्त समस्याओं के समाधान हेतु जिला प्रशासन एवं आमजनों के बीच समन्वय स्थापित करना है। डालसा के सदस्यों द्वारा गुमला जिले के सुदूरवर्ती गांवों का भ्रमण कर वहां के लोगों की कानूनी समस्याएं, सामुदायिक व अन्य समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही लोगों को आवश्यक कानूनी जानकारियां भी दी जा रही हैं। अध्यक्ष बार एसोसिएशन गुमला नंदलाल ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर में गुमला जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन अनुसूचित जनजातियों, श्रमिकों, विधवाओं, महिलाओं, दिव्यांगजनों एवं समाज के अति पिछड़े वर्ग के लोगों को विधिक सेवा तथा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने डायन बिसाही कुप्रथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डायन कुप्रथा आज देशभर में एक ज्वलंत मुद्दा है। यह ऐसी कुप्रथा है जो समाज में अनेकों गलतफहमियों का जनक है। अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीणों एवं समाज के अति पिछड़े वर्ग के लोगों को भगत एवं ओझाओं द्वारा उकसाकर उनके मनों में डायन प्रथा जैसे अंधविश्वास के बीज बोए जाते हैं। परिणामस्वरूप प्रभावित व्यक्ति द्वारा अक्सर अपने परिवार जनों अथवा स्वजनों का डायन की शंका में हत्या तक कर दिया जाता है। आज इस समस्या का अंत करना बेहद जरूरी है। इसके लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के आपसी समन्वय एवं सहयोग से जिले के ऐसे तमाम भगत एवं ओझाओं का सर्वेक्षण कराकर उन्हें चिन्हित करते हुए उनपर सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित कर उन्हें दंडित करने की आवश्यकता है। ताकि समाज में ऐसी कुरीतियां पनपने न पाएं। डायन कुप्रथा की तरह ही आज जिले की नाबालिग लड़कियों को काम का लालच देकर अन्य राज्यों में बेच देने की समस्या भी चिंतन का विषय है। इस कुप्रथा पर अंकुश लगाने के लिए आज समाज के लोगों का जागरूक एवं एकाग्र होना बेहद महत्वपूर्ण है। अभिभावकों से अपील है कि वे अपने बच्चों की निगरानी करें, किसी भी बिचौलिए के झांसे में न आऐं और किसी भी व्यक्ति द्वारा बच्चे एवं बच्चियों को बाहरी राज्यों में पढ़ाई व प्लेसमेंट दिलाने की बात करने पर इसका विरोध करें। श्री डी सी अवस्थी जिला एवं सत्र न्यायाधीश दितिय गुमला ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के संरक्षण में सभी जिलों में अवेयरनेस एण्ड आऊटरीच अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के अंतिम व्यक्ति तक संवैधानिक प्रावधानों एवं कानूनी लाभों को पहुंचाना है। उन्होंने आगे बताया कि यदि किसी भी व्यक्ति को अपने अधिकार की सुरक्षा के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़े तो जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा उस व्यक्ति की हर कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी। किसी भी समुदाय को लोग अपने अधिकार की सुरक्षा के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सहायता प्राप्त कर सकते हैं। एसडीओ बसिया संजय पी एम कुजूर ने कहा कि हमारे देश की लोकतांत्रिक ढांचे में सेवा शब्द की भूमिका सबसे एहम है। हमारा पूरा तंत्र सेवा पर ही आधारित है। देश की जनता, अभिवंचित समाज, विकास की राह देखने वाले समाज का सेवा पर आधारित है। आज देशभर में भी लोकहित के लिए जितने भी कानून बनाए गए हैं वे सब सेवा भाव के तहत ही बनाए गए हैं। इसके साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित समाज कल्याण, पेंशन आदि लाभकारी योजनाएं भी जनता के लिए समर्पित हैं और सरकार के तंत्र होने के नाते हम उन योजनाओं को क्रियान्वित करने का प्रयास करते हैं। किंतु फिर भी अबतक हम विकास के उस पायदान तकत क्यों नहीं पहुंच पाए हैं, यह सोचने का विषय है। शिक्षा की जानकारी के अभाव में सरकार द्वारा संचालित सभी लाभकारी योजनाओं को सार्थक सिद्ध नहीं किया जा सकता है। अतः योजनाओं को सार्थक सिद्ध करने तथा समाज के अंतिम पायदान तक उन योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए शैक्षणिक वातावरण बदलने की आवश्यकता है। जिला समाज कल्याण पदाधिकरी श्रीमति सीता पुष्पा ने कहा लीगल अवेयरनेस अभियान के तहत अनुसूचित जनजातियों, श्रमिकों, विधवाओं, महिलाओं, दिव्यांगजनों एवं समाज के अति पिछड़े वर्ग के लोगों तक कानूनी एवं संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना, संवैधानिक प्रावधानों की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। इस हेतु गुमला जिले में विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। आज आयोजित इस शिविर के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा 1014 लाभुकों के बीच 242.90 लाख की परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया। इस अभियान के माध्यम से प्रशासनिक एवं न्यायिक अंतर को भरने का भी प्रयास किया गया है। शिविर में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभुकों के बीच पूर्ण आवासों के लाभुकों का गृह प्रवेश/ ताला-चाभी विकरण, जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा लाभुकों के बीच मुख्यमंत्री सुकन्या योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं स्पॉन्सरशिप योजनांतर्गत प्रोत्साहन राशि का वितरण, श्रम विभाग द्वारा निर्माण श्रमिक सेफ्टी किट तथा साड़ी/ शर्ट-पैंट योजना, समेकित जनजातीय विकास अभिकरण द्वारा वन पट्टा, चिकित्सा सहायता अनुदान एवं बिरसा आवास योजना, जेएसएलपीएस द्वारा 20 सखी मंडलों के बीच सामुदायिक निवेश निधि के तहत 20 लाख की राशि तथा जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा कंबल वितरण एवं मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजनांतर्गत कुल 1014 लाभुकों के बीच 242.90 लाख की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर में प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा गुमला श्री सुभाष, जिला एवं सत्र न्यायाधीश दितिय श्री दुर्गेश चन्द्र अवस्थी, अध्यक्ष बार एसोसिएशन गुमला नंदलाल, डालसा सचिव आनंद सिंह, निदेशक आईटीडीए इंदु गुप्ता, प्रभारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सीता पुष्पा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी, एसडीओ बसिया, एसडीओ चेनपुर प्रीति किस्कू, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ मो कलाम, श्रम अधीक्षक एतवारी महतो, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग खुशेंद्र सोन केशरी, डीपीएम जेएसएलपीएस, एपीओ डीआरडीए इरफान सहित लाभुक व अन्य उपस्तित थे।
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