टीम एबीएन, कोडरमा। जिले का ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल झरनाकुंड धाम को शिवरात्रि में बिजली का उपहार मिलेगा। आजादी के लगभग 70 साल बाद यहां बिजली पहुंचेगी। इससे इस धार्मिक स्थल की प्रगति को एक नई दिशा मिल सकेगी। बता दें कि यह जिले का महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है जहां उत्तरवाहिनी नदी प्रवाहित होती है। सावन की अंतिम सोमवारी को हजारो की संख्या में श्रद्वालु यहां से जल उठाकर पैदल चलते ध्वजाधारी धाम पहुंचते हैं और पहाड़ के उपरी हिस्से में स्थापित भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। सोमवार को यहां बिजली की आपूर्ति कर दी जाएगी जिसके बाद पूरा इलाका रौशन हो सकेगा। बता दें कि झरनाकुंड झुमरी तिलैया नगर परिषद से लगभग पांच किमी की दूरी पर स्थित है किंतु जंगली इलाके में होने और रास्ते में फोरेस्ट लैंड होने की वजह से अब तक यहाु बिजली नहीं पहुंच पाई थी। बिजली विभाग से एनओसी मिलने के बाद इस कार्य को पूरा किया जा सका है। ट्रांस्फार्मर लगा दिया गया है। इसमें झरनाकुंड विकास समिति का बहुत बड़ा योगदान रहा है। इस मंदिर में हमेशा भक्त भगवान शिव की अराधना करने पहुंचते हैं। यहु तक कि प्रति वर्ष दर्जनों जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधकर दाम्पत्य जीवन की शुरूआत करते हैं।
क्या कहते हैं समिति के अध्यक्ष : झरनाकुंड विकास समिति के अध्यक्ष मनोज चंद्रवंशी ने बताया कि समिति के अथक प्रयास और गा्रमीणों के सहयोग से आज यहाु बिजली पहुंच पाई है। उन्होंने कहा कि पिछले साल राज्य सरकार के द्वारा झरनाकुंड को पर्यटन स्थल का दर्जा दिया गया है। इससे अब स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रुप में रोजगार भी मिल सकेगा।
क्या कहते हैं अधिकारी : इस बारे में बिजली विभाग के ईई मनोज कुमार सिंह ने कहा कि झरनाकुंड में ट्रांस्फार्मर लगा दिया गया है। कुछ छोटे-मोटे काम रह गए हैं जिसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोमवार तक झरनाकुंड में बिजली आपूर्ति कर दी जायेगी।