टीम एबीएन, हजारीबाग। विधिक पेशेवर अधिनियम 1879 की धारा 36 के अंतर्गत विदित है कि सिविल कोर्ट के आसपास दलाल की संख्या की सूची को वर्णित कर उन्हें कोर्ट प्रांगण से हटवाना नितांत आवश्यक है। दलालों की संख्या मैं इजाफा हुवा है इसलिए अधिवक्ताओं को आजीविका बाधित हुई है। जमीन विवाद का निपटारा गांव के मुखिया से करने के कारण अधिवक्ताओं को कार्य नहीं मिल रहा। फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन हो ताकि जमीन विवाद का त्वरित कार्यवाही हो सके। कोर्ट के सारे काम का निपटारा यदि मुखिया ही करते रहे तो ये भी कानून का उल्लंघन है। इस तरह से कार्य करने वाले को नजरअंदाज किया जाए तो अधिवक्ताओं को मुश्किल का सामना करना पड़ेगा। ये मामला अधिवक्ता वेंकटश्वर भवानी और अधिवक्ता रुपा कुमारी ने उठाया है।