टीम एबीएन, रांची। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने झारखंड की संस्थाओं में राज्य की आवाज को उचित स्थान देने पर जोर देते हुए मंगलवार को कहा कि यहां की संस्थाओं में प्रदेश की आवाज होनी चाहिए जो किसी धर्म और जाति से परे हो। गांधी ने झारखंड प्रदेश कांग्रेस के गिरिडीह (मधुबन) चिंतन शिवर को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि भारत (यूनियन ऑफ स्टेट ) कई राज्यों को मिलाकर बना एक संघ है जिसमे शामिल सभी राज्य बराबर है। हालांकि, इसे लेकर केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की धारणा गलत है। जिन संस्थाओं से राज्यों को मजबूत किया जाता है उस पर भाजपा लगातार हमला कर रही है। उन्होंने कहा कि यूनियन ऑफ स्टेट देश को जिंदा रखती है लेकिन, भाजपा इसी पर हमला करती है। यदि इस तरह के हमले होंगे तो बाहरी शक्तियां लाभ उठायेगी। इसी का लाभ उठाकर चीन ने लद्दाख में अपनी सेना बैठा दी है। अब चीन ने अरुणाचल प्रदेश में भी अशांति फैलाना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस नेता ने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में शामिल कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को नसीहत देते हुए कहा कि जिन कार्यकर्ताओं की बदौलत आप मंत्री बने हैं वही आप को हटा भी सकते हैं। मंत्रियों और विधायकों की जिम्मेदारी बनती है कि वह कार्यकर्ताओं को विश्वास दिलाएं कि सरकार उनकी है।