टीम एबीएन, दुमका। झारखंड में दुमका की एक अदालत ने तत्कालीन बैंककर्मियों की मिलीभगत से स्वीकृत ऋण राशि से धोखाधड़ी कर ठगी करने के मामले में एक आरोपी को दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। दुमका के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) एस पी ठाकुर की अदालत ने शुक्रवार को दोनों पक्षों की ओर से बहस सुनने के बाद दोषसिद्ध आरोपी विमल मंडल को दो साल के कारावास की सजा सुनायी। रामगढ़ थाना कांड संख्या 18/2010 मामले में सुनवाई के दौरान न्यायालय में आठ गवाह पेश किये गये। मामले में सरकार की ओर से सहायक लोक अभियोजक खुशवुद्दीन अली ने बहस में हिस्सा लिया। सहायक लोक अभियोजक ने बताया कि जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के पंडरिया गांव निवासी मानेश्वर गृही के लिखित शिकायत पर वनांचल ग्रामीण बैंक कड़विंधा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक, सिलठा गांव निवासी विमल मंडल और इसी बैंक के चपरासी नित्य गोपाल वैद्य के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।