टीम एबीएन पलामू। शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में कई अवार्ड से नवाजे गये झारखंड के गौरव हजारीबाग निवासी सह केंद्रीय विद्यालय पलामू के म्यूजिक शिक्षक सौरभ दुबे पलामू के बच्चों तक शास्त्रीय संगीत पहुंचाना चाहते हैं। वे संगीत का प्रचार व शिक्षण कर बच्चे को अव्वल बना रहे हैं। सौरभ किराना घराना के प्रख्यात गायक हैं। वे अपनी शास्त्रीय संगीत की प्रतिभा देश भर में बिखेर रहे हैं। उनका कहना है कि शास्त्रीय संगीत गायन सुर शब्द एवं शास्त्र प्रधान गायकी है। आंतरिक शांति, आनंद का श्रोत है शास्त्रीय संगीत। इससे अनेक लोग स्वाभाविक ही उब भी जाते हैं, पर इसके उबने का कारण उस संगीतज्ञ की कमजोरी नहीं बल्कि लोगों में जानकारी की कमी है। सौरभ की प्रारंभिक शिक्षा चाचा पंडित सुबोध कुमार दुबे व डॉ विजय कुमार दुबे के सान्निध्य में हुई। अपने पिता अर्जुन कुमार दुबे के आशीर्वाद से इन्होंने संगीत की शिक्षा शुरू की। सौरभ वर्तमान में प्रख्यात संगीत गायक पंडित कैवल्य कुमार गौरव से शिक्षा ले रहे हैं। सौरभ के शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति झारखंड एवं कई राज्यों में हुई है। इन्होंने विज्ञान भवन दिल्ली, विधानसभा रांची, संगीत सभा जमशेदपुर, इंदु कला संगीत महाविद्यालय खैड़ागढ़, चंडीगढ़ मेमोरियल स्कूल सहित देश के कई मंचों पर अपनी शास्त्रीय संगीत की प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इन्होंने कोरोनाकाल में भी कई फेसबुक-यू ट्यूब पर अपना कार्यक्रम दिया है। संगीत के क्षेत्र में इन्हें कई पुरस्कार से नवाजा गया है। इन्हें हिन्दू कॉलेज में सुपर टॉपर अवार्ड फोर एकेडमिक एक्सलेंस, एनडी ग्रोवर सुपर मेमोरियल अवार्ड, पंडित भीमसेन व पंडित जसराज मेमोरियल अवार्ड देहरादून, झारखंड सरकार द्वारा कई अवार्ड मिल चुका है। सौरभ शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में झारखंड के संगीत विद्यार्थियों को आगे बढ़ाना चाहते हैं। पलामू के लोगों तक शास्त्रीय संगीत पहुंचाना इनकी प्राथमिकता है। बताते चलें कि शास्त्रीय संगीत के गौरव सौरभ दुबे केंद्रीय विद्यालय पलामू में बतौर म्यूजिक शिक्षक कार्यरत हैं।