टीम एबीएन रांची। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बिनय कुमार लाल की अदालत ने धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश करने समेत अन्य आरोपों के तहत दर्ज कोर्ट केस की सुनवाई करते हुए होम क्रेडिट इंडिया फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ कंपनी के सीईओ, एमडी समेत 14 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश कांके थाना को दिया है। मामले में पीड़ित कांके निवासी सुदामा मिस्त्री ने 14 फरवरी को कोर्ट केस (शिकायतवाद संख्या 1750/22) किया था। वादी की ओर से अधिवक्ता सुधीर श्रीवास्तव ने अदालत में पक्ष रखा। बताया कि सुदामा ने जुलाई 2019 में कंपनी से दो लाख रुपये का होम लोन लिया था। कंपनी ने चार हजार प्रोसेसिंग फीस काटकर 1.96 लाख रुपये खाते में दे दिया। साथ ही लोन समरी भी भेजा। जिसमें ब्याज दर 28.51 फीसदी होगा। जबकि कंपनी ने 2.5 फीसदी बताया था। इसके बाद वादी लोन वापस करना चाहा। लेकिन कंपनी ने कहा कि कम से कम सात किस्त देना होगा। उसने 62419 रुपये जमा कर दिया। मार्च 2020 को कंपनी के कहने पर 191981 रुपये भी जमा कर दिया। लेकिन कंपनी ने पुन: अक्तूबर 2020 में 4193 रुपये की मांग की। उसने जमा कर दिया। दिसंबर 2021 में कंपनी के अधिकारियों व एजेंटों ने फिर 1,28,954 रुपये की मांग शुरू कर दी। इसके बाद सुदामा ने सीजेएम कोर्ट में केस किया। कंपनी का मुख्य कार्यालय गुड़गांव और दिल्ली में है।