बरकट्ठा। प्रखंड के बेड़ोकला में विलुप्त प्रजाति गिद्ध घायल अवस्था पाया गया। जिसके बाद उसका इलाज वन विभाग की देख-रेख कराया जा रहा है। 17 मार्च से गिद्ध का इलाज कराया जा रहा है। पशु चिकित्सक और विभाग के प्रयास से गिद्ध के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। विभाग की सूझ-बूझ से बची जानवन रक्षी देवचंद महतो ने बताया कि बरकट्ठा प्रखंड के बेडोकला में ग्रामीणों की ओर से 17 मार्च को सूचना मिली थी कि विलुप्त प्रजाति गिद्ध एक लिटमस के पेड़ पर घायल अवस्था में लटका हुआ है। सूचना मिलते ही वन विभाग की पूरी टीम पहुंचकर घायल गिद्ध को पेड़ से उतार कर लाई। पशु चिकित्सक की ओर से इलाज कराया गया। फिलहाल गिद्ध के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। झारखंड में गिद्ध सिर्फ हजारीबाग में ही दिखाई देता है। गिद्ध पर्यवारण को शुद्ध रखता है, सड़ा-गला मांस खाता है। गिद्ध की प्रजाति अभी विलुप्ती के कगार पर है। इसको बचने का प्रयास किया गया है। हालांकि वन विभाग का प्रयास रंग लाया और गिद्ध की जान बच गई।