झारखंड
ऐसा चाहूं राज मैं मिले सबन को अन्न, छोट बड़ सब सम बसे, रैदास रहे प्रसन्न...
ABN Bureau
•
16 Feb, 2022
•
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टीम एबीएन, कोडरमा। ऐसा चाहूं राज मैं मिले सबन को अन्न, छोट बड़ सब सम बसे, रैदास रहे प्रसन्न लिखने वाले जगतगुरू शिरोमणी संत रविदास जी की 645 वीं जयंती पर राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय कोडरमा के प्रांगण में उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। सर्वप्रथम उपस्थित लोगों ने संत रैदास के चित्र के सामने दीप जलाकर व पुष्प चढ़ाकर उन्हें नमन किया। जहां महान समाज सुधारक जगतगुरू संत रविदास अमर रहे की गगनभेदी नारे से माहौल गूंज उठा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला प्रधान शालिनी गुप्ता ने संबोधित करते हुए कहा कि संत रविदास हमारे पथ प्रदर्शक थे, उनके बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में जात पात, छुआ छूत, भेदभाव, अंधविश्वास से मुक्ति पा सकते हैं। सीटू नेता संजय पासवान ने संत रविदास के दोहे मन चंगा तो कठौती में गंगा। जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात।
रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात। ब्राह्मण मत पूजिए जो होवे गुणहीन, पूजिए चरण चंडाल के जो होवे गुण प्रवीन को पढ़ते हुए कहा कि समाजवादी समाज की परिकल्पना करने वाले संत रविदास जी एक महान विद्वान थे। जिनके अनुवाई करोड़ों लोग हैं, वे किसी को भूखा नहीं देखना चाहते थे और वे समाज में सभी को एक समान अधिकार की बात करते थे। कार्यक्रम को भूतपूर्व एलडीएम कालीचरण दास, नगर पंचायत की उपाध्यक्ष कुलबीर सलूजा, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश सलूजा, सामाजिक कार्यकर्ता अजीत वर्णवाल, बालेश्वर राम ने भी संबोधित किया। जबकि अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता जयप्रकाश राम व संचालन दलित शोषण मुक्ति मंच के जिलाध्यक्ष दिनेश रविदास ने किया। वहीं धन्यवाद ज्ञापन वार्ड पार्षद संतोष चंद्रवंशी ने किया। कार्यक्रम में पूर्व थाना प्रभारी द्वारिका राम, वार्ड पार्षद रिया राज, सामाजिक कार्यकर्ता संजीव समीर, सुशील अग्रवाल, लालो दास, अजीत दास, राजकुमार दास, अरूण दास, संतोष दास, कैलाश दास, विजय, अरूण दास, बिनोद कुमार, सहदेव दास सहित दर्जनों गणमान्य लोग मौजूद थे।
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