टीम एबीएन, रांची। रांची के व्यवसायियों में खौफ पैदा करने वाला नक्सली संगठन पीएलएफआई का दो लाख का इनामी चूहा आखिर पुलिस गिरफ्त में आ ही गया। खूंटी, सिमडेगा, गुमला, चाईबासा से लेकर हजारीबाग, रामगढ़ समेत सूबे के अन्य जिलों में व्यवसायियों को वाट्सएप कॉल करके रंगदारी की मांग करता था और नहीं देने वालों को कार्रवाई की धमकी देता था। पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप का लेवी देने वाला अवधेश जायसवाल उर्फ चुहा उर्फ सरदार उर्फ बिहारी उर्फ मनोज को खूंटी पुलिस ने मुरहू थाना क्षेत्र के कुम्हारडीह से गिरफ्तार किया। पुलिस पर फायरिंग करते हुए भाग रहे थे दोनों
दो लाख का इनाम और 40 कांडों का वांछित नक्सली अवधेश उर्फ चूहा खूंटी से गिरफ्तार हुआ है। एक पीटू बैग, आधार कार्ड, पेन कार्ड (मनोज जायसवाल के नाम से), संगठन का पर्चा और चंदा रसीद, नकद 2110 रुपया, 3 पीस छोटा मोबाइल, 3 पीस बड़ा मोबाइल, 12 जिओ कंपनी का राउटर समेत अन्य समान बरामद हुआ है। एसपी आशुतोष शेखर ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए बताया कि इसकी गिरफ्तारी को लेकर कई दिनों से गठित टीम कार्रवाई कर रही थी। लेकिन पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। खूंटी पुलिस और आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) अवधेश की गिरफ्तारी के लिए बिहार भी गयी। लेकिन वहां से पता चला कि अवधेश बिहार में नही बल्कि खूंटी जिला में मुरहू के कुम्हारडीह में छिपा हुआ है।
खूंटी पुलिस ने आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) के साथ मुरहू इलाके की घेराबंदी करते हुए शुक्रवार की अहले सुबह उसे कुम्हारडीह से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, राउटर समेत कई सामान बरामद किए गए। गिरफ्तार नक्सली अवधेश ने पुलिस को कई खुलासे किए हैं, जिसमें प्रमुख पुलिस के साथ मुठभेड़ करना शामिल है। एसपी ने बताया कि हाल के दिनों में सुप्रीमो दिनेश गोप के साथ हुए मुठभेड़ में शामिल रहता था। पुलिसिया पूछताछ में अवधेश ने बताया कि सुप्रीमो के इशारे पर व्यवसायियों से वीडियो और ऑडियो कॉल करके रंगदारी वसूलता था। फिलहाल पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और पूछताछ में दिए बयान पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी ने बताया कि सुप्रीमो दिनेश गोप के ठिकाने से लेकर उससे जुड़े कई अन्य मामलों का भी खुलासा हुआ है, जिसे जल्द ही खूंटी पुलिस खुलासा करेगी। फिलहाल पुलिस बयानों के आधार पर कार्रवाई कर रही है।