झारखंड
एक साल से बकाया मानदेय को लेकर पोषण सखी संघ (सीटू) ने बनायी आंदोलन की रणनीति
ABN Bureau
•
12 Feb, 2022
•
5 मिनट में पढ़ें
1 Views
विज्ञापन
टीम एबीएन, कोडरमा। आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यरत पोषण सखी को एक साल से बकाया मानदेय को लेकर ब्लॉक परिसर में पोषण सखी संघ (सीटू) की बैठक जरीना खातून की अध्यक्षता में हुई। आर्थिक तंगी की मार झेल रही अक्रोषित पोषण सखियों ने बजट सत्र में विधान सभा का घेराव करने का प्रस्ताव पास किया। साथ ही 23 फरवरी को समाहरणालय पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के समक्ष विरोध प्रदर्शन करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए सीटू राज्य कमिटी सदस्य और मजदूर नेता संजय पासवान ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों ने हेमन्त सरकार को थोक मे वोट दिया था, लेकिन झारखंड की जेएमएम सरकार के द्वारा आज राज्य के छह जिलों चतरा, गिरिडीह, धनबाद, दुमका, गोड्डा और कोडरमा के आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यरत दस हजार से ज्यादा पोषण सखी की रोजी रोटी छीनकर इनका रोजगार पर बुलडोजर चलाना चाहती है, पिछले 12 माह से पोषण सखी को मानदेय नहीं मिल रहा है। जिसके कारण इनके सामने भूखमरी की स्थिति हो गई है। कई बार आंदोलन के माध्यम से आवाज उठाया गया है, सरकार पर कोई असर नहीं पड़ा है। वहीं दूसरी तरफ केन्द्र सरकार के द्वारा 2017 में ही परियोजना को समाप्त कर राज्यों पर बोझ लाद दिया है। राज्य सरकार द्वारा इनका समायोजन कर इन्हें अतिरिक्त सेविका का दर्जा दिए जाने की मांग सीटू लगातार कर रहा है। हेमन्त सोरेन सरकार एक तरफ रोजगार देने की बात कहते थक नहीं रही हैं, दूसरी तरफ पोषण सखी को मानदेय नहीं दिया जा रहा है और उन्हें नौकरी से हटाने की साजिश किया जा रहा है। कोरोना काल में लाखों लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है, ऐसे समय में पोषण सखी को हटाने के बारे सोचना मानवता के खिलाफ है। बैठक में अंजुम प्रवीण, गायत्री देवी, पिंकी कुमारी, सुलेखा वर्मा, जरीना खातुन, सलमा खातून, विनीता यादव, प्रीति कुमारी, रजनी कुमारी, शिल्पी देवी, अनु कुमारी, ललिता देवी, सबिता देवी, साहिन प्रवीण, पुजा रजक, सुमित्रा देवी, रिंकी देवी, भारती देवी, माया प्रसाद, निशा भारती, अंजु देवी, रिंकी देवी, अंजु कुमारी, उर्मिला कुमारी, सोनी कुमारी, नैन्सी देवी, विद्या देवी, ललिता देवी आदि मौजूद थी।
विज्ञापन