टीम एबीएन, हजारीबाग। जल जीवन मिशन भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है, जिसके तहत ग्रामीण इलाकों में घरों तक पेयजल पहुंचाना है। हजारीबाग अंचल में भी इस योजना को युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है ताकि निर्धारित समय के अंदर पूरा किया जा सके, लेकिन जिले में पेयजल मिशन के कार्य प्रगति से अधिकारी संतुष्ट नहीं हैं।
धीमी रफ्तार से अधिकारी असंतुष्ट : 15 अगस्त 2019 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल जीवन मिशन की घोषणा की घोषणा की थी, जिसके तहत साल 2024 तक सभी घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हजारीबाग अंचल की बात करें तो झुमरी तलैया, रामगढ़, हजारीबाग और चतरा में भी युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है, लेकिन कार्य की प्रगति को देखते हुए अधिकारी संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे में पदाधिकारी ने सभी संवेदकों को समय के अंदर टार्गेट पूरा करने का निर्देश दिया है।
40 फीसदी तक काम हुआ पूरा : अगर वर्तमान समय को देखा जाए तो महज 2021-22 में 40% कार्य पूरा हो पाया है। अब महीना वार लक्ष्य निर्धारण किया गया है और उस लक्ष्य निर्धारण के अनुरूप ही कार्य पूरा करने की बात भी कही जा रही है। पदाधिकारियों का मानना भी है कि हम लोग घरों में कनेक्शन दे रहे हैं। इसमें कुछ समस्या भी सामने आ रही है, जिसमें बिजली भी एक है। इसके अलावा दुर्गम क्षेत्र होने के कारण भी कनेक्शन देने में समस्या आ रही है। ऐसे में मिशन मोड के तहत योजना बनाकर कार्य पूरा किया जा रहा है।