टीम एबीएन, रांची। करीब 8 हजार एकड़ में बसा रांची का एचईसी का क्षेत्र अब सिमटता जा रहा है। एक तरफ एचईसी अपनी आर्थिक हालात सुधारने के लिए अपनी जमीन को बेच रहा है तो वहीं दूसरी ओर रांची एचईसी के जमीन पर अवैध कब्जा भी हो रहा है। एचईसी क्षेत्र में खाली पड़ी जमीन पर कई लोग अवैध रूप से झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। एचईसी के आवासीय इलाके में रह रहे लोग अपने परिवार के लिए अवैध निर्माण कर खाली जगह पर भवन भी बना रहे हैं। रांची एचईसी में अतिक्रमण को देखते हुए प्रबंधन ने सख्त कदम उठाना शुरू किया है, जिसे लेकर प्रबंधन ने अतिक्रमण रोकने के लिए सिक्योरिटी टीम बनाई है। टीम को दिशा निर्देश दिए हैं कि जिस क्षेत्र में भी अवैध निर्माण हो रहा है, उसे तुरंत रोका जाए। एचईसी प्रबंधन के द्वारा बनाए गए सिक्योरिटी टीम के इंचार्ज जीवेश सिंह बताते हैं कि राजधानी के धुर्वा इलाके के सेक्टर 2, सेक्टर 3, बस स्टैंड, डैम साइड, टंकी साइड सहित विभिन्न क्षेत्रों में अवैध तरीके से कब्जे हो रहे हैं, जिसे लेकर एचईसी प्रबंधन ने कठोर कदम उठाया और सभी अतिक्रमण क्षेत्रों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। वहीं, यूनियन के नेता रामाशंकर बताते हैं कि एचईसी प्रबंधन को अतिक्रमण पर पहले ही ठोस कदम उठाना चाहिए क्योंकि एचईसी के खाली पड़ी जमीन पर अवैध कब्जा पिछले कई वर्षों से हो रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में एचईसी की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों के एजेन्सियों द्वारा भी लापरवाही बरती गई है। पहले फ्रंटलाइन सिक्योरिटी एजेंसी नाम की कंपनी के द्वारा अवैध उगाही कर गलत लोगों के हाथों में जमीन बेचे गए हैं, जिसकी जानकारी पहले भी प्रबंधन को दी गई है। एचईसी प्रबंधन के इस कदम का सीधा असर अवैध निर्माण कर व्यवसाय कर रहे लोगों की पेट पर पड़ रहा हैं। बस स्टैंड के समीप बुद्ध मंदिर के सामने खाली जमीन पर बच्चों का स्कूल खोला गया है। इसके अलावा भी कई खाली जगहों पर लोग छोटे-छोटे दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बना कर अपना गुजारा कर रहे हैं। अब प्रशासन के इस कदम पर लोगों का कहना है कि जब वह निर्माण कर रहे थे तो एचईसी प्रबंधन ने कोई रोक नहीं लगाई। लेकिन अब जब निर्माण हो चुका है तो अचानक इसे तोड़ने का आदेश देना उचित नहीं है। लोगों का कहना है कि ऐसे में जरूरी है कि प्रबंधन लोगों से बात कर उनकी समस्या का निदान करें। वहीं कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि एचईसी की जमीन को दलाल बेच रहे हैं। लोगों को दिग्भ्रमित कर 5-50 हजार के दर तक एचईसी क्षेत्र के कई इलाकों में दलाल जमीन बेच रहे हैं।